शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, निफ्टी 23,900 के नीचे फिसला; रियल्टी, एनर्जी और इंफ्रा शेयरों में भारी बिकवाली

शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, निफ्टी 23,900 के नीचे फिसला; रियल्टी, एनर्जी और इंफ्रा शेयरों में भारी बिकवाली

 भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोर होकर बंद हुए। बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम घंटे में बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।

गुरुवार, 23 जुलाई को कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 363.66 अंक यानी 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 126.65 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,869.60 के स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही निफ्टी एक बार फिर 23,900 के अहम स्तर के नीचे चला गया।

बाजार में गिरावट का मुख्य दबाव रियल्टी, ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। वहीं, ऑटो और मीडिया सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा दिया।

शुरुआत से ही दबाव में रहा बाजार

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों और घरेलू स्तर पर निवेशकों की सतर्कता के कारण शुरुआती कारोबार से ही खरीदारी सीमित रही।

जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों ने कई प्रमुख सेक्टरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी। खासतौर पर रियल एस्टेट, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ा।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचे स्तरों पर पहुंच चुके कई शेयरों में निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, जिसका असर व्यापक बाजार पर दिखाई दिया।

4,391 शेयरों में हुआ कारोबार, 2,500 से ज्यादा शेयर गिरे

गुरुवार को बीएसई पर कुल 4,391 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से:

1,641 शेयर तेजी के साथ बंद हुए
2,579 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई
171 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ

आंकड़े बताते हैं कि बाजार में गिरावट सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई छोटे और मझोले शेयरों पर भी बिकवाली का असर देखने को मिला।

रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा टूटा

सेक्टरवार प्रदर्शन में सबसे ज्यादा कमजोरी रियल्टी सेक्टर में देखने को मिली।

निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 1.8 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की बिकवाली ने इस सेक्टर को सबसे ज्यादा प्रभावित किया।

इसके अलावा:

निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत गिरा
निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की कमजोरी रही
निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत नीचे बंद हुआ

ऊर्जा और इंफ्रा कंपनियों में गिरावट का असर बाजार की धारणा पर पड़ा।

मेटल, फार्मा और FMCG शेयर भी कमजोर

गुरुवार को कई अन्य प्रमुख सेक्टरों में भी दबाव देखा गया।

निफ्टी मेटल इंडेक्स में करीब 0.7 प्रतिशत की गिरावट
निफ्टी फार्मा में लगभग 0.4 प्रतिशत की कमजोरी
निफ्टी FMCG इंडेक्स करीब 0.4 प्रतिशत नीचे
निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट

बाजार में व्यापक कमजोरी के कारण इन सेक्टरों के शेयरों में भी निवेशकों ने सावधानी बरती।

ऑटो और मीडिया सेक्टर ने संभाला मोर्चा

जहां अधिकांश सेक्टर गिरावट में रहे, वहीं कुछ क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। ऑटो कंपनियों के चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

इसके अलावा:

निफ्टी मीडिया इंडेक्स में करीब 0.22 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई।

कमजोर बाजार में इन सेक्टरों का प्रदर्शन निवेशकों के लिए राहत देने वाला रहा।

अदाणी एंटरप्राइजेज और श्रीराम फाइनेंस सबसे ज्यादा नुकसान में

निफ्टी के प्रमुख शेयरों में भी अलग-अलग प्रदर्शन देखने को मिला।

गिरने वाले प्रमुख शेयर:
अदाणी एंटरप्राइजेज
श्रीराम फाइनेंस
नेस्ले इंडिया
अदाणी पोर्ट्स
बजाज फाइनेंस

इन शेयरों में बिकवाली के कारण निफ्टी पर दबाव बढ़ा।

बढ़ने वाले प्रमुख शेयर:
बजाज ऑटो
SBI लाइफ इंश्योरेंस
महिंद्रा एंड महिंद्रा
TCS
आयशर मोटर्स

इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और इन्होंने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट

गुरुवार को सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत गिरा
निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में भी लगभग 1 प्रतिशत की कमजोरी रही

यह संकेत देता है कि निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया।

लगातार गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी

भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार दिनों की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हाल के दिनों में ऊंचे स्तरों पर पहुंचे बाजार में अब मुनाफावसूली का दौर देखने को मिल रहा है।

बाजार की आगे की दिशा कई अहम संकेतों पर निर्भर करेगी, जिनमें:

कंपनियों के तिमाही नतीजे
वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन
विदेशी निवेशकों की गतिविधियां
महंगाई और ब्याज दरों से जुड़े संकेत

शामिल हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय मजबूत कंपनियों के प्रदर्शन और लंबी अवधि के नजरिए को ध्यान में रखना चाहिए।

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह खबर केवल बाजार की जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।