पूरे हफ्ते सोना-चांदी में कितना आया उछाल? एक्सपर्ट ने जताई चिंता, अगले हफ्ते दाम बढ़ेंगे या आएगी गिरावट?

पूरे हफ्ते सोना-चांदी में कितना आया उछाल? एक्सपर्ट ने जताई चिंता, अगले हफ्ते दाम बढ़ेंगे या आएगी गिरावट?

भू-राजनीतिक तनाव, महंगा क्रूड और अमेरिकी फेड की बैठक पर टिकी बाजार की नजर

20 से 24 जुलाई 2026 के कारोबारी सप्ताह में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष, कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने बुलियन बाजार की चाल तय की। सप्ताह के अंत में दोनों कीमती धातुएं बढ़त के साथ बंद हुईं, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि अगले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक सोने और चांदी की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी। यदि फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाता है, तो बुलियन बाजार में करेक्शन देखने को मिल सकता है।

सप्ताह के अंत में क्या रहे सोने और चांदी के भाव?

शुक्रवार, 24 जुलाई को MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना ₹245 की बढ़त के साथ ₹1,42,821 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

वहीं दिल्ली सर्राफा बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। दूसरी ओर बुलियन बाजार के कुछ कारोबारी आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब ₹1,43,750 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि IBJA के अनुसार 24 कैरेट (999) सोने का भाव ₹1,42,757 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स (COMEX) पर सोना लगभग 0.14% की बढ़त के साथ 4,053 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ।

चांदी ने दिखाई और ज्यादा मजबूती

सोने के मुकाबले इस सप्ताह चांदी ने बेहतर प्रदर्शन किया।

सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन चांदी की कीमत में करीब ₹6,974 प्रति किलोग्राम की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव ₹2,22,721 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। इससे पहले चांदी करीब ₹2,15,474 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक जोखिमों के कारण चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

पूरे सप्ताह कैसा रहा प्रदर्शन?

कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार पूरे सप्ताह सोने और चांदी दोनों ने सकारात्मक रुख बनाए रखा।

सोना
सप्ताह का उच्चतम स्तर: ₹1,46,000
सप्ताह का न्यूनतम स्तर: ₹1,41,081
साप्ताहिक बढ़त: लगभग 1.56%
सप्ताह का समापन: ₹1,43,106
चांदी
सप्ताह का उच्चतम स्तर: ₹2,28,984 प्रति किलोग्राम
सप्ताह का न्यूनतम स्तर: ₹2,17,325 प्रति किलोग्राम
साप्ताहिक बढ़त: करीब 2.65%
सप्ताह का समापन: ₹2,22,138 प्रति किलोग्राम

आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस सप्ताह चांदी ने सोने की तुलना में अधिक मजबूत रिटर्न दिया।

क्रूड ऑयल की तेजी का क्या पड़ा असर?

विशेषज्ञों के अनुसार इस सप्ताह सबसे बड़ा प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का रहा।

WTI क्रूड ऑयल करीब 10.55% उछलकर 91.65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इसके पीछे मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर क्षेत्र में आपूर्ति संबंधी चिंताएं प्रमुख कारण रहीं।

जब कच्चा तेल महंगा होता है तो परिवहन, उत्पादन और ऊर्जा लागत बढ़ती है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। महंगाई बढ़ने पर केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ता है।

युद्ध जैसे हालात के बावजूद 'सेफ हेवन' खरीदारी सीमित रही

आमतौर पर वैश्विक तनाव बढ़ने पर निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानकर खरीदारी बढ़ा देते हैं।

लेकिन इस बार विशेषज्ञों का कहना है कि आम निवेशकों की ओर से वैसी मजबूत खरीदारी नहीं दिखी, जैसी बड़े युद्ध या वैश्विक संकट के दौरान देखने को मिलती है।

हालांकि, दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद जारी रहने से कीमतों को निचले स्तरों पर मजबूत समर्थन मिला।

सप्ताह के आखिर में क्यों आई मुनाफावसूली?

सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सोने और चांदी दोनों में ऊंचे स्तरों से कुछ बिकवाली देखने को मिली।

विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी मुख्य वजह अमेरिका से आए सकारात्मक आर्थिक आंकड़े रहे।

अमेरिकी बेरोजगारी से जुड़े बेहतर आंकड़ों और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली की। मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव बनाता है, क्योंकि इससे डॉलर में निवेश अपेक्षाकृत अधिक आकर्षक हो जाता है।

अगले सप्ताह किन बातों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह सबसे महत्वपूर्ण घटना अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की मौद्रिक नीति बैठक होगी।

यदि फेड ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने या आगे सख्ती का संकेत देता है, तो सोने और चांदी में करेक्शन देखने को मिल सकता है।

वहीं यदि फेड का रुख अपेक्षा से नरम रहता है, तो कीमती धातुओं में फिर तेजी लौट सकती है।

इसके अलावा निवेशकों की नजर इन कारकों पर भी रहेगी—

मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक घटनाक्रम
क्रूड ऑयल की कीमतें
डॉलर इंडेक्स की चाल
अमेरिकी आर्थिक आंकड़े
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की खरीदारी
सोना और चांदी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
सोना (Gold)

सपोर्ट स्तर

₹1,41,000
₹1,38,000

रेजिस्टेंस स्तर

₹1,45,000
₹1,47,000
चांदी (Silver)

सपोर्ट स्तर

₹2,16,000
₹2,10,000

रेजिस्टेंस स्तर

₹2,26,000
₹2,32,000

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कीमतें इन रेजिस्टेंस स्तरों को पार करती हैं तो नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं सपोर्ट टूटने पर गिरावट और गहरी हो सकती है।

निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट की सलाह?

कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का कहना है कि मौजूदा बाजार काफी अस्थिर बना हुआ है। ऐसे माहौल में बिना रणनीति के बड़े निवेश से बचना चाहिए।

उन्होंने ट्रेडर्स को फिलहाल "Sell on Rise" यानी तेजी आने पर मुनाफावसूली की रणनीति अपनाने की सलाह दी है। उनके अनुसार निवेशकों को सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों का ध्यान रखते हुए सीमित जोखिम के साथ ट्रेड करना चाहिए।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भी सलाह है कि वे अमेरिकी फेड की बैठक के नतीजे आने के बाद ही बड़े निवेश संबंधी निर्णय लें।

निष्कर्ष

20 से 24 जुलाई का सप्ताह सोना और चांदी दोनों के लिए सकारात्मक रहा, लेकिन बाजार में अस्थिरता लगातार बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव, महंगा होता कच्चा तेल, मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेड की आगामी बैठक आने वाले दिनों में बुलियन बाजार की दिशा तय करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर बाजार पर नजर बनाए रखनी चाहिए और जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए।