भिंड में अंडे की दुकान के बाहर मिला मगरमच्छ का बच्चा, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

भिंड में अंडे की दुकान के बाहर मिला मगरमच्छ का बच्चा, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब नेशनल हाईवे-719 किनारे एक अंडे की दुकान के बाहर मगरमच्छ का बच्चा दिखाई दिया। अचानक मगरमच्छ को देखकर आसपास मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के बच्चे का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे चंबल नदी में छोड़ दिया।

मामला फूफ थाना क्षेत्र के रानीपुरा-बरही के बीच स्थित नेशनल हाईवे-719 का है। जानकारी के अनुसार, हाईवे किनारे मुनुआ भदौरिया की अंडे की दुकान के बाहर शुक्रवार सुबह मगरमच्छ का बच्चा शटर के पास बैठा हुआ था। सुबह दुकान खोलने पहुंचे लोगों की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, वहां अफरा-तफरी मच गई।

दुकान के बाहर मगरमच्छ देख जमा हुई भीड़

मगरमच्छ के बच्चे को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना फूफ थाना पुलिस और वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को मगरमच्छ से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।

पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो सके।

वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ के बच्चे को उसके प्राकृतिक आवास चंबल नदी में छोड़ दिया गया। वन विभाग की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

जलस्तर बढ़ने या भोजन की तलाश में भटकने की आशंका

वन विभाग और स्थानीय लोगों का मानना है कि चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने या भोजन की तलाश में मगरमच्छ का बच्चा भटककर आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंच गया होगा।

समय रहते वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया, जिससे किसी भी तरह की अनहोनी टल गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

चंबल क्षेत्र में अक्सर दिखते हैं मगरमच्छ

भिंड और आसपास का क्षेत्र चंबल नदी के किनारे स्थित है, जहां घड़ियाल और मगरमच्छ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई बार ये जीव नदी से बाहर निकलकर आसपास के इलाकों तक पहुंच जाते हैं।

वन विभाग लगातार ऐसे मामलों में रेस्क्यू कर वन्यजीवों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ता है