Parliament Budget Session: शाह बोले- राम मंदिर मोदी जी के नेतृत्व के बिना संभव नहीं था
Parliament Budget Session: राम मंदिर मोदी जी के नेतृत्व के बिना संभव नहीं था
नई दिल्ली। Parliament Budget Session: संसद के बजट सत्र के आखिरी दिन लोकसभा में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 22 जनवरी का दिन दस हजार साल तक इतिहास में गिना जाएगा। और यह दिन एक संघर्ष की जीत को दर्शाता है। अमित शाह ने कहा कि 22 जनवरी एक ऐतिहासिक दिन होगा, जो सभी राम भक्तों की आशाओं को पूरा करेगा। यह दिन महान भारत की यात्रा की शुरुआत का भी है, क्योंकि राम भारत के अहम आदर्श हैं। और उनका राज्य सभी के लिए एक उदाहरण है। राम हमारे देश के हर कोने में बसे हैं, और वे सबके लिए महत्वपूर्ण हैं।इस देश की कल्पना राम के बगैर नहीं की जा सकती है। 1858 से प्रभु राम के लिए कानूनी लड़ाई चल रही थी।
पीएम मोदी जो कहते हैं वो करके भी दिखाते हैं: अमित शाह
प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी को इतिहास रचा। अमित शाह ने कहा कि राम के लिए जो संघर्ष कई सौ साल तक चला उसे जाने बगैर आप इस देश को समझ ही नहीं सकते हैं। अमित शाह ने कहा, "विपक्षी पार्टियां कहती हैं कि हम सिर्फ वादे करते हैं, लेकिन सच ये है कि पीएम मोदी जी जो कहते हैं वो करके भी दिखाते हैं।" हमने 2014 से 2019 तक राम मंदिर जन्मभूमि के लिए लड़ाई लड़ी। जब कोर्ट फैसला देने वाला था तब चुनाव आ गए, इसलिए कोर्ट ने उस समय फैसला नहीं दिया। चुनाव के परिणाम के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया।
सिर्फ मोदी जी के नेतृत्व में ही संभव हुआ राम मंदिर का निर्माण
राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद हुआ। इसलिए अदालत के फैसले के खिलाफ बोलना सही नहीं है। पीएम मोदी ने राम मंदिर का निर्माण करके लाखों लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया, जिससे यह एक महत्वपूर्ण दिन बना। यह सिर्फ मोदी जी के नेतृत्व में ही संभव था। हमारी सरकार ने अदालत के फैसले का सम्मान किया और देश में किसी भी अशांति को रोका। पीएम मोदी ने प्रारंभिक कर्तव्य के लिए 11 दिनों तक उपवास रखा। देशभर के मंदिरों का दौरा किया। भूमि पूजन के समय कोई राजनीतिक नारा नहीं था, केवल भगवान राम की प्रशंसा के ट्वीट थे।
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