ब्रिटेन के चिड़ियाघर में दिल दहला देने वाली घटना, 3 साल के बच्चे को मगरमच्छों के बाड़े में फेंका गया; महिला ने जान जोखिम में डालकर बचाया

ब्रिटेन के चिड़ियाघर में दिल दहला देने वाली घटना, 3 साल के बच्चे को मगरमच्छों के बाड़े में फेंका गया; महिला ने जान जोखिम में डालकर बचाया

ब्रिटेन के कैम्ब्रिजशायर स्थित जॉन्सन्स ऑफ ओल्ड हर्स्ट चिड़ियाघर में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक तीन वर्षीय बच्चे के मगरमच्छों के बाड़े में पहुंच जाने से अफरा-तफरी मच गई। मामले में पुलिस ने 30 वर्षीय एक व्यक्ति को हत्या के प्रयास के संदेह में गिरफ्तार किया है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच शुरू कर दी है।

घटना स्थानीय समयानुसार गुरुवार दोपहर करीब 1:24 बजे हुई। पुलिस के अनुसार बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं और उसे तत्काल कैम्ब्रिज के एडेनब्रुक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई गई है। जांच अधिकारी वेरिटी मैककैन ने कहा कि शुरुआती जांच में आरोपी और बच्चे के बीच किसी प्रकार की पहचान या संबंध सामने नहीं आया है।

बहादुरी की मिसाल बनी चिड़ियाघर संचालक की पत्नी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद चिड़ियाघर संचालक की पत्नी ट्रेसी जॉनसन बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए मगरमच्छों के बाड़े में उतर गईं और बच्चे को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी त्वरित कार्रवाई को स्थानीय लोग और सोशल मीडिया उपयोगकर्ता बहादुरी की मिसाल बता रहे हैं।

हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

कैम्ब्रिजशायर पुलिस ने नॉरफ़ॉक निवासी 30 वर्षीय व्यक्ति को हत्या के प्रयास के संदेह में हिरासत में लिया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि बच्चा बाड़े में कैसे पहुंचा और क्या उसे जानबूझकर अंदर फेंका गया था। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक अटकलें न लगाने की अपील की है।

अस्थायी रूप से बंद किया गया मगरमच्छ अनुभाग

घटना के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने अपने ट्रॉपिकल हाउस, जहां मगरमच्छ रखे जाते हैं, को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। हालांकि चिड़ियाघर के अन्य हिस्से सामान्य रूप से खुले हुए हैं। प्रशासन ने बयान जारी कर बच्चे और उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

जांच जारी

फिलहाल पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और चिड़ियाघर के सुरक्षा कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पूरे ब्रिटेन में इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।