लखनऊ के KD सिंह बाबू स्टेडियम में भव्य योग शिविर: हजारों लोगों ने किया योगाभ्यास, ब्रजेश पाठक और दिनेश शर्मा रहे मौजूद
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पहले राजधानी लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लेकर योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य: यह योग शिविर ममता चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना और इसे एक जन आंदोलन के रूप में स्थापित करना था। कार्यक्रम के दौरान “लखनऊ करेगा योग, लखनऊ बनेगा निरोग” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य अतिथि और राजनीतिक भागीदारी: इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak, राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री Dinesh Sharma सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
योगाभ्यास और प्रतिभागियों की भागीदारी: सुबह 6 बजे शुरू हुए इस योग शिविर में 2,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, वक्रासन, शशांकासन और स्कंध चक्रासन जैसे विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया, जिससे पूरा स्टेडियम ऊर्जा और उत्साह से भर गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और योग का संदेश: योग शिविर को और आकर्षक बनाने के लिए भगवान शिव पर आधारित भजनों की प्रस्तुति, योग-थीम पर कथक नृत्य और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसने योग और भारतीय संस्कृति के गहरे संबंध को दर्शाया। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि मानसिक शांति और संतुलित जीवन का आधार है।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प: इस अवसर पर ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव मिश्रा ने बताया कि संस्था हर वर्ष सवा लाख पौधे लगाने का अभियान चलाती है, और इस वर्ष “एक पेड़ मां के नाम” पहल के तहत वृक्षारोपण को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का संकल्प लिया।
निष्कर्ष: यह योग शिविर न केवल योग के प्रति जागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि इसने स्वास्थ्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़कर एक सकारात्मक सामाजिक संदेश भी दिया, जिससे योग को एक जन आंदोलन के रूप में और मजबूती मिली।
news desk MPcg