जिले में अवैध नर्सिंग होम का खुलासा, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
जिले में अवैध नर्सिंग होम का खुलासा, श्यामपुर के सोनकच्छ में बिना पंजीयन चल रहा था आरोग्य केयर अस्पताल। स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण में गंभीर खामियां पाईं, प्रसव केस बिना रिकॉर्ड और अप्रशिक्षित स्टाफ मिला। सानिया अस्पताल की आयुष्मान मान्यता भी गलत ऑपरेशन और अनियमितताओं के चलते रद्द।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बावजूद कई निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम बिना वैध पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। ताजा मामला श्यामपुर तहसील के ग्राम सोनकच्छ का है, जहां "आरोग्य केयर अस्पताल" नामक नर्सिंग होम अवैध रूप से चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर कीं, जिसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जानकारी के मुताबिक, आरोग्य केयर अस्पताल का पंजीयन वर्ष 2024 में रद्द हो चुका था। इसके बावजूद, यहां गैरकानूनी तरीके से चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही थीं। स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने अस्पताल का दौरा किया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया को सौंप दी गई है।
अस्पताल में गंभीर खामियां
निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल में केवल दो कमरे थे और बुनियादी चिकित्सा उपकरणों का अभाव था। इसके बावजूद, यहां महिलाओं के प्रसव कराए जा रहे थे। जांच के दौरान 164 डिलीवरी केस शीट मिलीं, लेकिन इनमें किसी भी मरीज का विवरण दर्ज नहीं था। अस्पताल में प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारी नहीं थे, और प्रसव कराने वाली महिला डॉक्टर सहित अन्य चिकित्सक मौके पर मौजूद नहीं थे। इसके अलावा, बायोमेडिकल कचरे के निपटान की कोई व्यवस्था नहीं पाई गई।
सानिया अस्पताल की आयुष्मान मान्यता रद्द
एक अन्य मामले में भोपाल-इंदौर हाईवे पर आष्टा बायपास के सानिया अस्पताल में अनियमितताओं का खुलासा हुआ। यहां एक महिला का गलत ऑपरेशन और आयुष्मान भारत योजना के तहत नियमों का उल्लंघन सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की आयुष्मान मान्यता रद्द कर दी।
6 फरवरी 2025 को जिला स्तरीय जांच दल ने सानिया अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान केवल एक अनुबंधित डॉक्टर मौजूद था, जबकि फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे। कई इंजेक्शनों की एक्सपायरी डेट भी निकल चुकी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर छह सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसकी रिपोर्ट भोपाल भेजी गई।
सीएमएचओ का बयान
सीएमएचओ डॉ. सुधीर डेहरिया ने बताया कि सानिया अस्पताल का मामला कुछ महीने पुराना है। शिकायत के आधार पर जांच की गई थी, और उसी आधार पर अस्पताल की आयुष्मान मान्यता रद्द की गई। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित होने वाले नर्सिंग होम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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