सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निफ्टी में भी भारी गिरावट, IT सेक्टर में बिकवाली से बाजार दबाव में
भारतीय शेयर बाजार में 19 जून को भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही दबाव बढ़ गया और सेंसेक्स करीब 800 अंक टूटकर 76,600 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 200 अंक गिरकर 23,950 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा असर आईटी शेयरों पर देखा गया, जहां तेज बिकवाली ने पूरे सेक्टर को हिला दिया।
IT सेक्टर में भारी गिरावट ने बिगाड़ा बाजार का मूड
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी कंपनियों में तेज बिकवाली रही। ग्लोबल आईटी दिग्गज एक्सेंचर द्वारा रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान घटाने और कमजोर डिमांड का संकेत देने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
इसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा, जहां निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 6% तक टूट गया।
प्रमुख आईटी शेयरों में गिरावट:
इंफोसिस: 8% तक गिरावट
टेक महिंद्रा: 6.3%
टीसीएस: 6%
एचसीएल टेक: 5.3%
विप्रो: 3.6%
गोल्डमैन सैक्स जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने भी भारतीय आईटी सेक्टर में फिलहाल कमजोर डिमांड आउटलुक की बात कही है, जिससे निवेशकों की धारणा और कमजोर हुई है।
FIIs की बिकवाली से बढ़ा दबाव
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। बुधवार की मामूली खरीदारी के बाद गुरुवार को FIIs ने फिर से कैश मार्केट में 1,025 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए।
इससे घरेलू निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ और बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।
रिलायंस AGM पर टिकी निवेशकों की नजर
आज रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) आयोजित हो रही है। निवेशक खासतौर पर इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित लिस्टिंग को लेकर क्या संकेत मिलते हैं।
पिछले संकेतों के मुताबिक जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में आ सकता है, लेकिन इस बार बाजार को नए बड़े ऐलान की बजाय स्पष्टता की उम्मीद है। AGM से पहले रिलायंस का शेयर भी करीब 1% गिरकर 1326 रुपए पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला, जहां कुछ इंडेक्स में तेजी तो कुछ में गिरावट रही।
अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में मजबूती दर्ज की गई थी:
डाउ जोन्स में हल्की बढ़त
नैस्डैक और S&P 500 में मजबूत तेजी
FII-DII आंकड़े बताते हैं दबाव
हालिया आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं।
news desk MPcg