विदिशा में खेल शिक्षक नियुक्ति पर उठे सवाल, रद्द आदेश के अगले दिन ही मिली दोबारा बहाली
29 जुलाई को नियुक्ति निरस्त, 30 जुलाई को पुनर्नियुक्ति के साथ बदला गया स्कूल; शेरपुरा स्कूल में पदस्थापना को लेकर विवाद
विदिशा। जिले के शिक्षा विभाग में खेल शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। विभाग ने जिस खेल शिक्षक की नियुक्ति निर्धारित नियमों के तहत 29 जुलाई को निरस्त कर दी थी, उसे अगले ही दिन दोबारा नियुक्ति देकर बहाल कर दिया गया। इतना ही नहीं, पुनर्नियुक्ति के साथ शिक्षक की पदस्थापना भी बदल दी गई, जिसके बाद विभागीय प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
मामला जिले में हुई खेल शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ा है। आरोप है कि एक शिक्षक की नियुक्ति निरस्त होने के बाद महज एक दिन के भीतर उसे दोबारा नियुक्ति दे दी गई और नया स्कूल भी आवंटित कर दिया गया। अब इस पूरे मामले को लेकर विभाग में चर्चा तेज हो गई है।
16 खेल शिक्षकों की हुई थी नियुक्ति
जानकारी के अनुसार, विदिशा जिले में पिछले महीने 16 खेल शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इनमें से 10 शिक्षकों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने-अपने विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कर लिया था, जबकि 6 शिक्षक तय समय तक ज्वाइनिंग नहीं कर पाए थे।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने 29 जुलाई को आदेश जारी कर हायर सेकेंडरी स्कूल सतपाड़ा सराय में पदस्थ खेल शिक्षक निशांक जैन की नियुक्ति निरस्त कर दी थी। आदेश में समय पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने का कारण बताया गया था।
अगले दिन जारी हुआ पुनर्नियुक्ति आदेश
मामले में सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ, जब नियुक्ति निरस्त होने के अगले ही दिन यानी 30 जुलाई को नया आदेश जारी कर दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार संभाल रहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी अलका बागड़ी ने निशांक जैन को दोबारा नियुक्ति दे दी।
इसके साथ ही उनकी पदस्थापना में भी बदलाव किया गया और उन्हें शेरपुरा स्कूल में नई जिम्मेदारी दी गई। इसी बदलाव को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी जल्दी पुनर्नियुक्ति और स्कूल परिवर्तन किस आधार पर किया गया।
शेरपुरा स्कूल में नई पदस्थापना पर उठे सवाल
मामले को लेकर चर्चा है कि जिस शिक्षक की नियुक्ति पहले निरस्त की गई थी, उसे दोबारा नियुक्ति देते हुए नया स्कूल कैसे दिया गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
हालांकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पुनर्नियुक्ति नियमों के अनुसार हुई या इसमें किसी तरह की अनियमितता हुई है।
विभाग ने जांच का दिया भरोसा
शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रक्रिया में कोई गलती या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल खेल शिक्षक की नियुक्ति और पदस्थापना को लेकर विदिशा शिक्षा विभाग में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है
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