आर्थिक तंगी से जूझकर UPSC में हासिल की 89वीं रैंक, अब लद्दाख के नए DGP बने IPS आनंद जैन

आर्थिक तंगी से जूझकर UPSC में हासिल की 89वीं रैंक, अब लद्दाख के नए DGP बने IPS आनंद जैन

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से लद्दाख के पुलिस प्रमुख तक का प्रेरणादायक सफर

जम्मू। संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल बने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आनंद जैन ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) का पदभार संभाल लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के बाद 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद जैन को लद्दाख पुलिस की कमान सौंपी गई है। उन्होंने के.के. शर्मा का स्थान लिया है, जो पिछले कुछ समय से इस पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से ताल्लुक रखने वाले आनंद जैन का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को साकार किया और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 89वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया।

आर्थिक चुनौतियों के बीच की UPSC की तैयारी

आनंद जैन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बुरहानपुर के नेहरू मॉन्टेसरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लेकर वर्ष 1995 में वे दिल्ली पहुंचे और यूपीएससी की तैयारी शुरू की।

दिल्ली में पढ़ाई के दौरान उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कोचिंग, आवास और अन्य खर्चों को संभालना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी हासिल की और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार वर्ष 1999 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ और उन्होंने ऑल इंडिया 89वीं रैंक प्राप्त की।

जम्मू-कश्मीर में निभाई कई अहम जिम्मेदारियां

अपने 27 वर्षों के पुलिस करियर में आनंद जैन ने जम्मू-कश्मीर के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर कार्य किया है। वे एसपी ईस्ट श्रीनगर, एसएसपी जम्मू, डीआईजी राजौरी-पुंछ, निदेशक सतर्कता आयोग और निदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। हाल ही में वे जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में सेवाएं दे रहे थे।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और प्रशासनिक नेतृत्व में उनकी कार्यकुशलता की व्यापक सराहना होती रही है।

वीरता और उत्कृष्ट सेवा के लिए मिले कई सम्मान

आनंद जैन को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें पुलिस पदक (वीरता), पुलिस पदक (मेधावी सेवा) और राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) से सम्मानित किया जा चुका है। ये पुरस्कार उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना को दर्शाते हैं।

लद्दाख में सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण लद्दाख में डीजीपी के रूप में आनंद जैन की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी काफी चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में लंबे अनुभव वाले अधिकारी के रूप में आनंद जैन से प्रशासन और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने की उम्मीद की जा रही है।

उनकी नियुक्ति न केवल पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक संदेश है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।