बैतूल में अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा: ‘मेरे घर संतान नहीं, तो तेरे घर भी नहीं रहेगी’, 12 वर्षीय अंकुश की बेरहमी से हत्या

बैतूल में अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा: ‘मेरे घर संतान नहीं, तो तेरे घर भी नहीं रहेगी’, 12 वर्षीय अंकुश की बेरहमी से हत्या

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से अंधविश्वास और कुप्रथा का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मुलताई क्षेत्र के ताईखेड़ा गांव में महज 12 साल के मासूम अंकुश आहके की कथित जादू-टोने के शक में हत्या कर दी गई। आरोप है कि संतान न होने की वजह का दोष बच्चे के परिवार पर मढ़ते हुए दो लोगों ने पहले उसे बहाने से अपने साथ ले गए, फिर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव को बोरी में भरकर जंगल के नाले में फेंक दिया।

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के सामने आने के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

खेलने के बहाने घर से ले गया आरोपी

पुलिस के अनुसार ताईखेड़ा निवासी संगीता आहके ने अपने 12 वर्षीय बेटे अंकुश के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया कि गांव का युवक सुदामा इनवाती उसे खेलने के बहाने अपने साथ ले गया था। इसके बाद बच्चा घर नहीं लौटा।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और संदेह के आधार पर सुदामा इनवाती से पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी वारदात कबूल कर ली।

लोहे की रॉड से हमला, फिर घोंट दिया गला

पुलिस जांच में सामने आया कि सुदामा इनवाती ने गांव के ही राकेश उइके के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों ने पहले बच्चे पर लोहे की रॉड से हमला किया और बाद में उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव को एक बोरी में भरकर जंगल के बीच स्थित नाले में फेंक दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नाले से मासूम का शव बरामद कर लिया।

अंधविश्वास बना हत्या की वजह

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी राकेश उइके लंबे समय से यह मानता था कि अंकुश के माता-पिता ने उसके परिवार पर जादू-टोना किया है। आरोपी को यह वहम था कि शादी के करीब दस वर्ष बाद भी उसे संतान नहीं होने के पीछे यही कारण है।

पुलिस के मुताबिक इसी अंधविश्वास ने उसके मन में बदले की भावना पैदा कर दी। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि आरोपी का मानना था कि यदि उसे संतान सुख नहीं मिला, तो दूसरे के घर भी संतान नहीं रहनी चाहिए। इसी सोच के चलते उसने मासूम अंकुश को निशाना बनाया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

वारदात का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ हत्या समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।

गांव में मातम, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

12 वर्षीय अंकुश की हत्या की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि एक मासूम बच्चे को अंधविश्वास की भेंट चढ़ा देना बेहद अमानवीय और दर्दनाक घटना है।

अंधविश्वास पर फिर खड़े हुए सवाल

यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास, जादू-टोने की धारणाओं और अशिक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक सोच और जागरूकता की कमी के कारण आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग निजी परेशानियों और पारिवारिक समस्याओं का कारण जादू-टोना मान लेते हैं, जिसके चलते निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है।

बैतूल की यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि अंधविश्वास के उस खतरनाक चेहरे को उजागर करती है, जो आज भी समाज के कुछ हिस्सों में मासूम जिंदगियों के लिए खतरा बना हुआ है।