देशभर में मौसम का दोहरा असर: कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं भीषण गर्मी, मध्य प्रदेश और गुजरात में मानसून की एंट्री

देशभर में मौसम का दोहरा असर: कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं भीषण गर्मी, मध्य प्रदेश और गुजरात में मानसून की एंट्री

देश के कई राज्यों में मौसम ने अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून बारिश और आंधी का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कई इलाकों में तापमान अभी भी 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। इस बीच राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने नौ दिन की देरी के बाद बुधवार को मध्य प्रदेश और गुजरात में प्रवेश कर लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब देश के 22 राज्यों तक पहुंच चुका है और अगले कुछ दिनों में इसके और आगे बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि 5 जुलाई तक मानसून पूरे देश को कवर कर सकता है।

राजस्थान में बारिश से जनजीवन प्रभावित

राजस्थान के सीकर, चूरू, जयपुर, नागौर, भरतपुर और श्रीगंगानगर समेत कई जिलों में बुधवार को तेज बारिश दर्ज की गई। चूरू और सीकर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर बाइक और कारें पानी में फंस गईं।

मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 25 जिलों में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है।

दिल्ली में आंधी-बारिश, लोगों को गर्मी से राहत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार शाम तेज हवाओं और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। कई इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। हालांकि तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और यातायात प्रभावित होने की खबरें भी सामने आईं।

उत्तर प्रदेश में आंधी का कहर

उत्तर प्रदेश के आगरा में तेज आंधी के दौरान सड़क किनारे लगे बिजली के पोल गिर गए। पोल गिरने से वहां खड़ी दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रयागराज सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने 26 जिलों में बारिश और आठ जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है और 29 जून तक राजधानी लखनऊ तक पहुंचने की संभावना है।

हिमाचल में बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बादल फटने की घटना के बाद काचरंग नाले में अचानक बाढ़ आ गई। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम विभाग ने 29 और 30 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मुंबई में जलभराव से परेशानी

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। अंधेरी सब-वे में पानी भरने के कारण उसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। विक्रोली पश्चिम में एक आवासीय इमारत के पास बनी दीवार गिर गई। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने से वाहनों को नुकसान पहुंचा।

दादर रेलवे स्टेशन पर रेल पटरियों पर पानी भर जाने से कुछ लोकल ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का संकट

पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कीयी पन्योर जिले की नीपको परियोजना कॉलोनी में बाढ़ आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग लापता बताए जा रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार 18 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है।

कई राज्यों में अब भी जारी है गर्मी का प्रकोप

बारिश और मानसून की सक्रियता के बावजूद देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार है। बुधवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में देश का सबसे अधिक तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसके अलावा प्रयागराज में 43.4 डिग्री, श्रीगंगानगर में 42.5 डिग्री, खजुराहो में 41.2 डिग्री और पटना में 40.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

बिहार के मुजफ्फरपुर में भीषण गर्मी को देखते हुए आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को 27 जून तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।

मध्य प्रदेश में 46 जिलों में अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून ने दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।

गुरुवार को राज्य के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल संभाग में मौसम तेजी से बदल सकता है।

जुलाई-अगस्त में भी उमस बढ़ने की आशंका

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष मानसून सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन बारिश का वितरण असमान हो सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन से जुड़े मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रशांत महासागर में तापमान में बदलाव और वैश्विक मौसमी परिस्थितियों के कारण कहीं अत्यधिक बारिश तो कहीं लंबे अंतराल देखने को मिल सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई और अगस्त जैसे प्रमुख मानसूनी महीनों में भी लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

अगले दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान

26 जून

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
सिक्किम, कोंकण-गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में भारी वर्षा की संभावना
आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में तेज बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ में हीटवेव की चेतावनी

27 जून

असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश
कोंकण, गोवा, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में ऑरेंज अलर्ट
झारखंड, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में तेज बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हीटवेव का खतरा बरकरार
मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी है। किसानों और यात्रियों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने के लिए कहा गया है।