तमिलनाडु सीएम थलपति विजय का फिटनेस मैसेज: चेन्नई मैराथन में 30 मिनट दौड़े, ड्रग्स के खिलाफ दिलाई शपथ
नशा विरोधी अभियान में मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने चेन्नई में आयोजित नशा-विरोधी जागरूकता मैराथन में हिस्सा लेकर एक मजबूत सामाजिक संदेश दिया। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने न केवल मैराथन को हरी झंडी दिखाई, बल्कि खुद भी करीब 30 मिनट तक दौड़ लगाई।
इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और समाज में जागरूकता फैलाना था।
“स्टार्ट रन, स्टॉप ड्रग्स” थीम के तहत आयोजन
चेन्नई में आयोजित इस मैराथन का थीम “Start Run, Stop Drugs” रखा गया था। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें मंत्री, सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयंसेवक भी शामिल थे।
मुख्यमंत्री विजय ने दौड़ शुरू होने से पहले उपस्थित लोगों को नशा-विरोधी शपथ दिलाई, जिसे सभी प्रतिभागियों ने दोहराया।
6 किलोमीटर तक दौड़े मुख्यमंत्री
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने लगभग 6 किलोमीटर तक दौड़ लगाई और करीब 30 मिनट तक लगातार मैराथन में भाग लिया। इस दौरान वे अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।
मैराथन में उनकी सक्रिय भागीदारी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिनमें उनके फिटनेस और अनुशासन की जमकर सराहना की जा रही है।
फिटनेस और सादगी भरा नेतृत्व
मैराथन के दौरान मुख्यमंत्री काले रंग की टी-शर्ट, ट्रैक पैंट और धूप का चश्मा पहने हुए दिखाई दिए। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे शांत, आत्मविश्वासी और ऊर्जावान नजर आए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने दैनिक जीवन में भी सादगी और अनुशासन बनाए रखा है। वे रोजाना लगभग 17 किलोमीटर का आवागमन स्वयं करते हैं और कई सरकारी कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
पहले भी दिखा चुके हैं सक्रियता के उदाहरण
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री विजय ने इस तरह का उदाहरण पेश किया हो। इससे पहले भी वे एक सरकारी कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद खुद टिकट लेकर बस में सफर कर चुके हैं।
इसके अलावा, उन्होंने एक कार्यक्रम में वाहन चलाकर उसका परीक्षण भी किया था, जिससे उनके जमीनी और व्यवहारिक नेतृत्व की छवि और मजबूत हुई है।
नशे के खिलाफ सख्त संदेश
इस मैराथन के जरिए मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रहने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन और अनुशासित दिनचर्या ही समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक कदम बताया।
निष्कर्ष
चेन्नई मैराथन में थलपति विजय की भागीदारी केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश था। फिटनेस, अनुशासन और नशा-विरोधी अभियान को जोड़कर उन्होंने जनता, विशेषकर युवाओं के बीच एक मजबूत जागरूकता अभियान का उदाहरण पेश किया है।
news desk MPcg