पुरी रथयात्रा से पहले साइबर ठगी का खतरा, 1200 होटल हाई अलर्ट पर; 11 देशों से चल रही थीं फर्जी वेबसाइटें

पुरी रथयात्रा से पहले साइबर ठगी का खतरा, 1200 होटल हाई अलर्ट पर; 11 देशों से चल रही थीं फर्जी वेबसाइटें

 विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा से पहले ओडिशा पुलिस ने साइबर ठगी को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। रथयात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर ठगी का नया तरीका अपनाया है। साइबर ठग पुरी के होटलों के नाम से फर्जी वेबसाइट और क्लोन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार कर यात्रियों को सस्ते कमरे, भारी छूट और गारंटीड बुकिंग का लालच दे रहे हैं। इस खतरे को देखते हुए पुरी के करीब 1200 होटलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

फर्जी वेबसाइटों के जरिए होटल बुकिंग के नाम पर ठगी

जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने कई प्रसिद्ध होटलों के नाम, फोटो और जानकारी का इस्तेमाल कर ऐसी वेबसाइटें तैयार की हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगती हैं। इन वेबसाइटों पर कम कीमत में कमरे उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है और श्रद्धालुओं से तुरंत ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा जाता है।

ठग यात्रियों को आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया विज्ञापन, सर्च इंजन पर फर्जी लिस्टिंग और नकली ऑफर का सहारा ले रहे हैं। बुकिंग के दौरान पीड़ितों से यूपीआई, बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट के जरिए एडवांस भुगतान कराया जाता है। भुगतान मिलने के बाद कई मामलों में यात्रियों को नकली रसीद भेज दी जाती है और बाद में दिए गए नंबर बंद हो जाते हैं।

क्राइम ब्रांच ने 238 फर्जी वेबसाइटों को किया ब्लॉक

ओडिशा क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 238 फर्जी वेबसाइट और वेबपेज को ब्लॉक किया है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें 212 फर्जी होटल वेबसाइट और 26 नकली वेबपेज शामिल हैं।

क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि साइबर अपराधी असली होटल वेबसाइट की नकल कर यात्रियों को भ्रमित कर रहे थे। कई वेबसाइटों पर नकली कस्टमर केयर नंबर भी दिए गए थे, जिनके जरिए ठग यात्रियों से संपर्क कर अतिरिक्त भुगतान की मांग करते थे।

11 देशों से संचालित हो रही थीं फर्जी वेबसाइटें

जांच में यह भी सामने आया है कि कई फर्जी वेबसाइटों को भारत के बाहर से तैयार और होस्ट किया जा रहा था। इन वेबसाइटों के लिए रोमानिया, ब्राजील, इंडोनेशिया, हांगकांग, मकाऊ, सिंगापुर, यूक्रेन, चीन, थाईलैंड, फिलीपींस और नाइजीरिया जैसे देशों के सर्वर का इस्तेमाल किया गया।

क्राइम ब्रांच अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी सर्वर का इस्तेमाल किए जाने के कारण वेबसाइट संचालकों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। संबंधित देशों से जानकारी जुटाने के लिए जांच एजेंसियां तकनीकी माध्यमों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सहारा ले रही हैं।

गूगल सर्च और सोशल मीडिया के जरिए बनाया जा रहा निशाना

साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपना मुख्य हथियार बनाया है। पुरी आने वाले श्रद्धालु अक्सर ऑनलाइन होटल की तलाश करते हैं और इसी का फायदा उठाकर ठग गूगल सर्च में फर्जी वेबसाइटों को ऊपर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

इन वेबसाइटों पर आकर्षक ऑफर जैसे कम कीमत, सीमित समय की छूट और तुरंत बुकिंग की सुविधा दिखाई जाती है। कई बार यात्री असली और नकली वेबसाइट में अंतर नहीं कर पाते और अपना पैसा गंवा देते हैं।

40 से ज्यादा यात्रियों ने दर्ज कराई शिकायत

क्राइम ब्रांच के अनुसार, अब तक 40 से अधिक यात्रियों ने होटल बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम कई राज्यों से जुड़े साइबर अपराधियों के बैंक खातों तक पहुंच रही थी।

पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के तार राजस्थान, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, दिल्ली, झारखंड के जामताड़ा, हरियाणा के मेवात और गुजरात जैसे क्षेत्रों से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां संदिग्ध बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही हैं।

रथयात्रा के दौरान 24 घंटे निगरानी करेगी विशेष टीम

रथयात्रा के दौरान साइबर अपराध रोकने के लिए क्राइम ब्रांच ने एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम 10 जुलाई से 25 जुलाई तक पुरी शहर में 24 घंटे निगरानी करेगी।

टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल रहेंगे। टीम का मुख्य उद्देश्य होटल संचालकों के नाम पर चल रही फर्जी वेबसाइटों की पहचान करना और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर तुरंत कार्रवाई करना होगा।

इसके अलावा पुरी के सभी प्रमुख होटलों का सत्यापन भी किया जाएगा। समुद्र तट के आसपास स्थित करीब 350 होटलों को विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है।

पुलिस ने श्रद्धालुओं को दी ऑनलाइन बुकिंग में सावधानी की सलाह

क्राइम ब्रांच ने देशभर से पुरी आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे होटल बुकिंग के दौरान पूरी सावधानी बरतें। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी प्रमाणिकता जांच लें।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि—

होटल की आधिकारिक वेबसाइट से ही बुकिंग करें
अनजान लिंक और सोशल मीडिया विज्ञापनों से बचें
कम कीमत वाले संदिग्ध ऑफर पर भरोसा न करें
भुगतान से पहले होटल का फोन नंबर सत्यापित करें
नकली कस्टमर केयर नंबर से सावधान रहें
प्रशासन ने बढ़ाई साइबर सुरक्षा व्यवस्था

पुरी रथयात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार प्रशासन ने पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ डिजिटल सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। पुलिस और साइबर टीम लगातार ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके।

प्रशासन का कहना है कि रथयात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान साइबर अपराधियों की सक्रियता बढ़ जाती है, इसलिए यात्रियों को जागरूक रहना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन बुकिंग में थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।