महबूबा मुफ्ती ने तेहरान में आयतुल्ला अली खामेनेई को दी श्रद्धांजलि, बोलीं- 'अत्याचार के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने वाले नेता थे'
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचकर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने खामेनेई को "अत्याचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले सम्मानित नेता" बताते हुए उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार और राष्ट्रीय शोक समारोहों में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा कि तेहरान आकर व्यक्तिगत रूप से संवेदना व्यक्त करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने लिखा कि आयतुल्ला अली खामेनेई ऐसे नेता थे जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर कायम रहते हुए पीड़ितों और वंचितों की आवाज बुलंद की। उन्होंने ईरानी जनता के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की।
ईरानी अधिकारियों के निमंत्रण पर पहुंचीं तेहरान
जानकारी के अनुसार महबूबा मुफ्ती ईरानी अधिकारियों के आधिकारिक निमंत्रण पर तेहरान पहुंची हैं। इस शोक समारोह में जम्मू-कश्मीर से आमंत्रित चुनिंदा प्रतिनिधियों में उनका भी नाम शामिल है। उनके साथ कई प्रमुख शिया धर्मगुरु और धार्मिक प्रतिनिधि भी ईरान पहुंचे हैं, जो विभिन्न धार्मिक और राजकीय कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।
शोक समारोह में कई देशों के प्रतिनिधि
तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में विभिन्न देशों के राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। ईरान ने खामेनेई के अंतिम संस्कार को कई दिनों तक चलने वाला राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित किया है। अंतिम यात्रा तेहरान से शुरू होकर क़ोम और अन्य धार्मिक स्थलों से होते हुए मशहद में संपन्न होगी। समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया गया है।
भारत भी भेज रहा है आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल
महबूबा मुफ्ती के निजी दौरे के समानांतर भारत सरकार ने भी ईरान के अंतिम संस्कार समारोह में भाग लेने के लिए अपना आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद आरिफ मोहम्मद हसनैन (यदि आधिकारिक नाम संदर्भानुसार) अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह कदम भारत और ईरान के लंबे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
क्षेत्रीय राजनीति के बीच बढ़ी चर्चा
महबूबा मुफ्ती का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईरान की आंतरिक राजनीतिक परिस्थितियां और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसे में एक प्रमुख भारतीय राजनीतिक नेता का तेहरान पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करना राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि महबूबा मुफ्ती ने अपने दौरे को पूरी तरह मानवीय और संवेदना प्रकट करने वाला कदम बताया है।
ईरान में अंतिम संस्कार कार्यक्रम अगले कई दिनों तक जारी रहेंगे, जिनमें लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और हवाई क्षेत्र को लेकर भी विशेष व्यवस्थाएं लागू की हैं।
news desk MPcg