झांसी-लखनऊ में पूर्व सपा विधायक दीप नारायण सिंह यादव पर ईडी का बड़ा एक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी
समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के झांसी और लखनऊ स्थित उनके आवासों, कार्यालयों और सहयोगियों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत दर्ज मामले में की गई। ईडी की जांच आय से अधिक संपत्ति, कथित मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध खनन और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े आर्थिक लेनदेन पर केंद्रित है।
सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में ईडी की आधा दर्जन से अधिक टीमें शामिल रहीं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र कई स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स और पीएसी की तैनाती की गई। एजेंसी ने तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड जब्त कर जांच के दायरे में लिया है।
किन मामलों में हुई कार्रवाई?
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है। एफआईआर में पूर्व विधायक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं।
इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने ईसीआईआर (ECIR) दर्ज कर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जांच शुरू की। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अर्जित अवैध धन को किस प्रकार विभिन्न कंपनियों, रियल एस्टेट परियोजनाओं और व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम से वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
झांसी और लखनऊ में एक साथ छापेमारी
ईडी की टीमों ने बुधवार सुबह झांसी और लखनऊ में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
झांसी में जिन प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई हुई, उनमें—
मून सिटी स्थित आवास
भगवंतपुरा क्षेत्र
पैतृक गांव बुढ़ावली
सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का ताज कंपाउंड
पूर्व विधायक के निजी सहायक अशोक गोस्वामी का घर
मोठ क्षेत्र में पूर्व चेयरमैन अनिरुद्ध यादव उर्फ बड़े राजा का आवास
शामिल बताए जा रहे हैं।
तलाशी के दौरान सभी परिसरों को सुरक्षा घेरे में रखा गया और आने-जाने वालों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।
पूर्व विधायक से भी हुई पूछताछ
सूत्रों के अनुसार ईडी अधिकारियों ने तलाशी के दौरान पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव से भी लंबी पूछताछ की।
पूछताछ में मुख्य रूप से—
आय के स्रोत,
संपत्तियों का विवरण,
व्यावसायिक निवेश,
कंपनियों में हिस्सेदारी,
बैंकिंग लेनदेन,
सहयोगियों की भूमिका,
और कथित आर्थिक नेटवर्क
से जुड़े सवाल पूछे गए।
फिलहाल एजेंसी ने पूछताछ के संबंध में आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
तलाशी में क्या मिला?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ईडी ने तलाशी के दौरान—
महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज,
डिजिटल डिवाइस,
लैपटॉप,
मोबाइल फोन,
संपत्तियों के दस्तावेज,
कंपनी रिकॉर्ड,
निवेश संबंधी कागजात,
बैंकिंग लेनदेन से जुड़े दस्तावेज
अपने कब्जे में लिए हैं।
अब इन दस्तावेजों की फोरेंसिक और वित्तीय जांच की जाएगी ताकि धन के स्रोत और लेनदेन की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
रियल एस्टेट और कंपनियों के नेटवर्क की जांच
ईडी की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि कथित अपराध से अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से निवेश किया गया।
एजेंसी यह जांच कर रही है कि—
रियल एस्टेट परियोजनाओं,
निर्माण कंपनियों,
एलएलपी (Limited Liability Partnership),
अन्य व्यावसायिक संस्थाओं
के माध्यम से कथित रूप से धन को वैध बनाने का प्रयास किया गया या नहीं।
यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
23 से अधिक एफआईआर और लगभग 60 आपराधिक मामलों का उल्लेख
ईडी के अनुसार जांच केवल एक एफआईआर तक सीमित नहीं है।
एजेंसी ने बताया कि मामले में पीएमएलए के तहत सूचीबद्ध अपराधों से संबंधित 23 से अधिक एफआईआर शामिल हैं।
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि पूर्व विधायक के खिलाफ विभिन्न कानूनों के तहत करीब 60 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी उपलब्ध है।
इनमें कथित रूप से—
धोखाधड़ी,
जालसाजी,
रंगदारी,
हत्या के प्रयास,
डकैती,
गैंगस्टर एक्ट,
गुंडा एक्ट,
अवैध खनन
से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
हालांकि इन मामलों में अंतिम दोष सिद्ध होना न्यायालय की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
भारी सुरक्षा के बीच चली कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई के दौरान मून सिटी और अन्य परिसरों के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात रहा।
पैरामिलिट्री फोर्स और पीएसी के जवानों ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर तलाशी अभियान शांतिपूर्वक पूरा कराया।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह अचानक बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के पहुंचने से इलाके में हलचल मच गई।
सुबह-सुबह पहुंची ईडी टीम
स्थानीय सूत्रों के अनुसार जब ईडी की टीम सुबह पूर्व विधायक के आवास पहुंची, उस समय वे विश्राम कर रहे थे।
कार्रवाई शुरू होते ही घर के भीतर और आसपास हलचल बढ़ गई। अधिकारियों ने नियमानुसार तलाशी प्रक्रिया शुरू की और परिसर में मौजूद लोगों से आवश्यक जानकारी जुटाई।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
ईडी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी।
जांच के अगले चरण में—
बैंक खातों का विश्लेषण,
कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड,
संपत्ति खरीद-बिक्री के दस्तावेज,
सहयोगियों से पूछताछ,
और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन
की गहन पड़ताल की जाएगी।
यदि जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो एजेंसी आगे संपत्ति कुर्क करने, अतिरिक्त पूछताछ या गिरफ्तारी जैसी कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है।
जांच जारी, आरोपों की पुष्टि बाकी
ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। फिलहाल एजेंसी साक्ष्य एकत्र कर रही है।
news desk MPcg