पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा का भव्य समापन, 5 फाइटर जेट्स ने दी हवाई सुरक्षा सलामी; भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिली नई दिशा

पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा का भव्य समापन, 5 फाइटर जेट्स ने दी हवाई सुरक्षा सलामी; भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिली नई दिशा

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी तीन दिवसीय राजकीय इंडोनेशिया यात्रा पूरी कर ली। यात्रा के समापन के बाद पीएम मोदी जकार्ता से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुए। उनकी विदाई के दौरान इंडोनेशियाई वायु सेना के पांच फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री के विमान को एस्कॉर्ट करते हुए विशेष सम्मान दिया।

इंडोनेशिया की ओर से दिया गया यह हवाई सम्मान दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के विमान के इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने तक इंडोनेशियाई फाइटर जेट्स साथ रहे।

इंडोनेशियाई फाइटर जेट्स ने किया पीएम मोदी के विमान को एस्कॉर्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब इंडोनेशियाई लड़ाकू विमान प्रधानमंत्री मोदी के विमान के साथ उड़ान भर रहे थे, तब पीएम मोदी ने विमान के अंदर से उनका अभिवादन किया।

इससे पहले भी पीएम मोदी के इंडोनेशिया पहुंचने पर इसी तरह का विशेष स्वागत किया गया था। इंडोनेशियाई वायु सेना के फाइटर जेट्स ने भारतीय प्रधानमंत्री के विमान के इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद उसे एस्कॉर्ट किया था।

प्रधानमंत्री मोदी को विदा करने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो खुद हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पीएम मोदी को विदाई दी, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती मित्रता और कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है।

राष्ट्रपति प्राबोवो ने किया गर्मजोशी से स्वागत

पीएम मोदी की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। जकार्ता में आयोजित कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई आधिकारिक बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

स्वागत समारोह के दौरान इंडोनेशिया की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशियाई पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन का आनंद लिया।

भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक साझेदारी को मिली मजबूती

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना रहा। बातचीत के दौरान रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्षेत्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने यात्रा के समापन पर कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को नई ऊर्जा मिली है और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुले हैं।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान हुए समझौतों और बातचीत से दोनों देशों की साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी।

रक्षा और समुद्री सहयोग पर रहा विशेष फोकस

भारत और इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार हैं। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को लेकर लगातार बातचीत होती रही है।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्राबोवो के बीच हुई बैठक में रक्षा सहयोग बढ़ाने, समुद्री क्षेत्र में समन्वय मजबूत करने और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया गया।

दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

डिजिटल इनोवेशन और एआई सहयोग पर चर्चा

यात्रा के दौरान डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

भारत अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी क्षमताओं के लिए दुनिया में पहचान बना रहा है। वहीं इंडोनेशिया भी डिजिटल अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी के नए रास्ते खुलने की संभावना है।

इंडोनेशिया संसद में बीजू पटनायक का भी हुआ जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान इंडोनेशिया में भारत के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया गया। इंडोनेशियाई संसद में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व ओडिशा मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के योगदान का उल्लेख किया गया।

बीजू पटनायक ने इंडोनेशिया के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों में उनका योगदान आज भी याद किया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुए पीएम मोदी

इंडोनेशिया यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अपनी आगे की विदेश यात्रा के तहत ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुए हैं।

इंडोनेशिया दौरे को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस यात्रा के दौरान हुए संवाद और समझौतों से आने वाले समय में भारत-इंडोनेशिया संबंधों में और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।