पहलगाम आतंकी हमले में NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, हाफिज सईद समेत पाकिस्तान आधारित नेटवर्क पर गंभीर आरोप

पहलगाम आतंकी हमले में NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, हाफिज सईद समेत पाकिस्तान आधारित नेटवर्क पर गंभीर आरोप

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट जम्मू स्थित विशेष NIA अदालत में पेश की गई है और इसे पहले दाखिल की गई विस्तृत मूल चार्जशीट का विस्तार बताया गया है।

एजेंसी ने हाफिज सईद को व्यक्तिगत रूप से आरोपी बनाते हुए उसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का प्रमुख और संस्थापक बताया है। NIA के अनुसार यह मामला केवल एक स्थानीय आतंकी घटना नहीं, बल्कि सीमा पार से संचालित एक संगठित साजिश का हिस्सा है।

पाकिस्तान से संचालित साजिश का दावा, सीमा पार नेटवर्क की भूमिका

NIA जांच के अनुसार, ऐसे कई तकनीकी, फॉरेंसिक और डिजिटल सबूत सामने आए हैं जो यह संकेत देते हैं कि पहलगाम आतंकी हमले की योजना पाकिस्तान से बनाई गई थी। एजेंसी का कहना है कि हाफिज सईद ने सीमा पार बैठकर इस हमले की साजिश रचने, उसे दिशा देने और आतंकी मॉड्यूल को सक्रिय करने में अहम भूमिका निभाई।

जांच में यह भी सामने आया है कि हमले की तैयारी लंबे समय तक चली योजना का हिस्सा थी, जिसमें आतंकियों को प्रशिक्षण, संचार व्यवस्था और लक्ष्य चयन जैसी गतिविधियों में निर्देश दिए गए। NIA का दावा है कि इस पूरे ऑपरेशन में विभिन्न स्तरों पर समन्वय किया गया था, जिससे हमला अत्यधिक सुनियोजित और संगठित रूप से अंजाम दिया गया।

BNS 2023 और UAPA के तहत कई गंभीर धाराएं

चार्जशीट में हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इनमें शामिल प्रमुख धाराएं हैं—

भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचना
आतंकवादी गतिविधियों की योजना, समर्थन और क्रियान्वयन
आपराधिक षड्यंत्र के तहत निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना
प्रतिबंधित आतंकी संगठनों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहायता प्रदान करना
सीमा पार से भारत विरोधी आतंकी नेटवर्क को संचालित करना
1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट का विस्तार, नए वैज्ञानिक साक्ष्य शामिल

NIA ने बताया कि यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट पहले दाखिल की गई 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट का विस्तार है। इस विस्तारित दस्तावेज में कई नए और महत्वपूर्ण साक्ष्य जोड़े गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक सबूत
मोबाइल और डिजिटल कम्युनिकेशन रिकॉर्ड
तकनीकी निगरानी से प्राप्त डेटा
आतंकी नेटवर्क से जुड़े खुफिया इनपुट
हमले के समय और उसके बाद की गतिविधियों का विश्लेषण

एजेंसी का कहना है कि इन सभी सबूतों को मिलाकर एक स्पष्ट पैटर्न सामने आता है, जो सीमा पार से निर्देशित आतंकी साजिश की पुष्टि करता है।

पहले दाखिल चार्जशीट में भी कई आतंकी नामजद

इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को दाखिल मूल चार्जशीट में NIA ने पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर साजिद जट्ट को भी आरोपी बनाया था।

इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि—

जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए तीन आतंकियों की भूमिका इस नेटवर्क से जुड़ी थी
दो गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आतंकी मॉड्यूल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं
LeT और TRF ने हमले की योजना, फंडिंग और क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग दिया

NIA का मानना है कि यह नेटवर्क केवल एक घटना तक सीमित नहीं था, बल्कि लंबे समय से सक्रिय एक संगठित ढांचा था।

पहलगाम हमला: 26 लोगों की हत्या, धर्म के आधार पर निशाना बनाने का आरोप

यह हमला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ था। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए धर्म के आधार पर पहचान कर हमला किया था। इस हमले में कुल 26 लोगों की हत्या हुई थी, जिनमें 25 पर्यटक और 1 स्थानीय नागरिक शामिल था।

घटना के बाद पहलगाम थाने में FIR दर्ज की गई थी, जिसके बाद प्रारंभिक जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की और बाद में मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया था।

जांच का दायरा बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी

NIA ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अभी भी जारी है और इसका दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। एजेंसी अब पाकिस्तान से जुड़े पूरे आतंकी नेटवर्क, फंडिंग चैनलों, संचार प्रणाली और अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

जांच एजेंसी का उद्देश्य केवल आरोप तय करना नहीं, बल्कि पूरे आतंकी ढांचे और उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को उजागर करना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।