बारुईपुर रेप-मर्डर केस: मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की मां ने शव लेने से किया इनकार, बोलीं- 'उसने गलत किया, उसे उसके कर्मों की सजा मिली'; एनकाउंटर के बाद मामले ने लिया नया मोड़
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब मामले ने नया और बेहद भावनात्मक मोड़ ले लिया है। आरोपी की मां ने अपने बेटे का शव लेने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि उसने जो किया, उसके लिए उसे सजा मिलनी ही थी।
मां का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूरे पश्चिम बंगाल में इस घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ है। एक ओर लोग पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस मुठभेड़ और उससे जुड़े घटनाक्रम की भी नियमानुसार जांच की जा रही है।
मां ने बेटे के शव को लेने से किया इनकार
बुधवार को मीडिया से बातचीत में प्रभाष मंडल की मां ने बताया कि सुबह पुलिस के दो अधिकारी उनके घर पहुंचे और उन्हें बेटे की मौत की सूचना दी।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनसे पूछा कि क्या वह अस्पताल जाकर शव लेना चाहेंगी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
उन्होंने कहा,
"मैं अस्पताल नहीं जा सकती। मेरे पति बीमार हैं। पुलिस जो उचित समझे करे। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मेरा बेटा जो कर चुका था, उसकी उसे सजा मिल गई। मैं उसका शव नहीं लूंगी और न ही उसे घर लेकर आऊंगी।"
उन्होंने आगे कहा,
"उसने कोई अच्छा काम नहीं किया था। उसने बहुत गलत किया। उसे उसके कर्मों की सजा मिली है। चाहे उसे मार दें या जो भी करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं उसका शव नहीं लूंगी।"
उनके इस बयान ने पूरे मामले को नया सामाजिक और मानवीय आयाम दे दिया है। सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।
कैसे हुई आरोपी की मौत?
पुलिस के अनुसार प्रभाष मंडल को 11 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
बुधवार देर रात पुलिस जांच के सिलसिले में उसे सूर्यपुर स्थित घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएशन (Crime Scene Reconstruction) के लिए लेकर गई थी।
पुलिस का दावा है कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद आरोपी ने—
एक पुलिसकर्मी की इंसास राइफल छीनने की कोशिश की,
पुलिस टीम पर गोली चलाने का प्रयास किया,
और मौके से भागने का प्रयास किया।
इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें प्रभाष मंडल गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे तत्काल बारुईपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने क्या कहा?
बारुईपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार आरोपी लगातार जांच में सहयोग नहीं कर रहा था।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था और जांच को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था।
एसपी कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार घटनास्थल पर आरोपी द्वारा हथियार छीनने और पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश के बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।
घटना के बाद पूरे मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 4 जुलाई को बारुईपुर क्षेत्र की 11 वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई थी।
परिजनों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
अगले दिन पुलिस को सूर्यपुर हाट इलाके के एक तालाब से बोरे में बंद बच्ची का शव बरामद हुआ।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई कि—
बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया,
उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई,
फिर शव को बोरे में भरकर तालाब में फेंक दिया गया।
फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच जारी है।
सीसीटीवी फुटेज बना जांच का अहम आधार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में प्रभाष मंडल को बच्ची के साथ जाते हुए देखा गया था।
इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस का दावा है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर शव बरामद किया गया और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी लगातार बयान बदल रहा था और जांच को भटकाने की कोशिश कर रहा था।
कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल के अलावा पुलिस ने इस मामले में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार—
कबीर मोल्ला सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सभी की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की क्या भूमिका रही।
घटना के बाद भड़का जनाक्रोश
बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे बारुईपुर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।
हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शनकारियों ने—
बारुईपुर-जयनगर रोड जाम किया,
टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया,
पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की,
आरोपियों को फांसी देने की मांग की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
बाद में पुलिस ने हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया।
पुलिस मुठभेड़ की भी होगी जांच
किसी भी पुलिस मुठभेड़ की तरह इस मामले में भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत—
घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण,
हथियारों की फोरेंसिक जांच,
पुलिसकर्मियों के बयान,
मेडिकल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट,
बैलिस्टिक रिपोर्ट,
घटनास्थल के साक्ष्यों
की जांच की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि होगी।
मां के बयान ने पूरे देश का ध्यान खींचा
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा आरोपी की मां के बयान को लेकर हो रही है।
जहां आमतौर पर आरोपी के परिजन उसके बचाव में सामने आते हैं, वहीं प्रभाष मंडल की मां ने सार्वजनिक रूप से अपने बेटे के कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि उसने गलत किया और उसे उसके अपराध की सजा मिली।
उनके इस बयान की देशभर में व्यापक चर्चा हो रही है।
जांच अभी भी जारी
बारुईपुर रेप और हत्या मामले में पुलिस कई पहलुओं पर समानांतर जांच कर रही है। मुख्य आरोपी की मौत के बाद भी मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और अपराध की पूरी साजिश की जांच जारी रहेगी।
news desk MPcg