अंबेडकरनगर में मानव तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़: शादी का झांसा देकर युवतियों को राजस्थान-हरियाणा ले जाकर देह व्यापार में धकेलने का आरोप, सात गिरफ्तार

अंबेडकरनगर में मानव तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़: शादी का झांसा देकर युवतियों को राजस्थान-हरियाणा ले जाकर देह व्यापार में धकेलने का आरोप, सात गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवतियों की कथित मानव तस्करी और उन्हें देह व्यापार में धकेलने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अकबरपुर पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान के एक दंपती सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का एक अन्य सदस्य फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के कब्जे से एक युवती को सकुशल बरामद किया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर, बेसहारा और अनाथ युवतियों को निशाना बनाकर उन्हें बेहतर जीवन और संपन्न परिवार में शादी का लालच देता था।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि एक युवती को शादी के नाम पर बहला-फुसलाकर राजस्थान और हरियाणा ले जाने की तैयारी की जा रही है। सूचना के आधार पर अकबरपुर पुलिस और एएचटीयू ने संयुक्त अभियान चलाते हुए बसखारी मार्ग पर घेराबंदी की और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया।

पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया तथा युवती को सुरक्षित मुक्त कराया।

गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान का दंपती भी शामिल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के पाली और सिरोही जिलों के कई निवासी शामिल हैं। इनमें एक दंपती भी शामिल है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और अंबेडकरनगर के भी कुछ आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

एक अन्य आरोपी जफरुद्दीन फिलहाल फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

फर्जी शादी का रचते थे पूरा नाटक

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोप है कि युवतियों का विश्वास जीतने के लिए उन्हें संपन्न परिवार में विवाह कराने का झूठा भरोसा दिया जाता था।

इसके बाद उनके नाम बदलकर फर्जी पहचान पत्र तैयार किए जाते थे। नकली विवाह समारोह आयोजित किए जाते, जिनमें गिरोह के सदस्य ही दूल्हा, रिश्तेदार और बाराती बनकर शामिल होते थे ताकि किसी को कोई शक न हो।

पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और लंबे समय से इस प्रकार की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

राजस्थान और हरियाणा ले जाकर शोषण का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, फर्जी विवाह के बाद युवतियों को राजस्थान और हरियाणा ले जाया जाता था, जहां कथित रूप से उनकी इच्छा के विरुद्ध देह व्यापार में धकेला जाता था।

पहचान छिपाने के लिए उनके नाम बदल दिए जाते थे और नकली दस्तावेज तैयार किए जाते थे, जिससे उन्हें वापस अपने परिवार तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।

दो लाख रुपये में हुआ था सौदा

जांच में यह भी सामने आया है कि एक युवती के बदले गिरोह ने दो लाख रुपये लिए थे। पुलिस के अनुसार, इसमें एक लाख रुपये नकद तथा एक लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त किए गए थे।

कार्रवाई के दौरान एक महिला आरोपी के पास से 40 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह रकम मानव तस्करी से जुड़ी थी या किसी अन्य लेनदेन का हिस्सा थी।

गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं, मानव तस्करी, अपहरण, अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

अंबेडकरनगर की पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि गिरोह के नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस रैकेट से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा किन-किन राज्यों में इसकी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

उन्होंने कहा कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और इस गिरोह से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मानव तस्करी पर बढ़ती चिंता

विशेषज्ञों के अनुसार, मानव तस्करी करने वाले गिरोह अक्सर गरीब, अनाथ, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं एवं युवतियों को निशाना बनाते हैं। उन्हें नौकरी, विवाह या बेहतर जीवन का झूठा सपना दिखाकर दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है और बाद में उनका शोषण किया जाता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विवाह, नौकरी या अन्य किसी प्रस्ताव के नाम पर अजनबियों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।