सारण में NIA की बड़ी कार्रवाई: मानव तस्करी नेटवर्क की जांच में पचरूखवा गांव में 4 घंटे तक छापेमारी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज खंगाले
बिहार के सारण जिले के मशरक थाना क्षेत्र स्थित पचरूखवा गांव में मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मानव तस्करी से जुड़े संभावित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई की। एनआईए की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में निजाम मियां के आवास पर करीब चार घंटे तक गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई दस्तावेजों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई। हालांकि, एजेंसी ने कार्रवाई के उद्देश्य और बरामदगी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सुबह 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई, दोपहर तक चला तलाशी अभियान
जानकारी के अनुसार, एनआईए की टीम मंगलवार सुबह करीब 8 बजे पचरूखवा गांव पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए घर के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे इलाके को घेर लिया गया। जांच के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
करीब चार घंटे तक चली इस कार्रवाई में जांच अधिकारियों ने घर के विभिन्न कमरों, दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच की। दोपहर लगभग 12 बजे टीम जांच पूरी कर वहां से रवाना हुई।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच पर विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, एनआईए अधिकारियों ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इन माध्यमों का इस्तेमाल मानव तस्करी, विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी या किसी संगठित नेटवर्क के संचालन में तो नहीं किया गया।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच के दौरान कोई सामग्री जब्त की गई या नहीं।
मानव तस्करी नेटवर्क की जांच से जुड़ी बताई जा रही कार्रवाई
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी मानव तस्करी से जुड़े एक संभावित नेटवर्क की जांच का हिस्सा मानी जा रही है। हाल के महीनों में बिहार के कई जिलों में विदेश भेजने के नाम पर लोगों को ठगने और उन्हें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में अवैध गतिविधियों के लिए भेजने वाले गिरोहों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
इसी क्रम में एनआईए पहले भी गोपालगंज, मोतिहारी और अन्य जिलों में छापेमारी कर चुकी है, जहां कथित तौर पर कंबोडिया और अन्य देशों से जुड़े मानव तस्करी एवं साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क की जांच की जा रही है।
गांव में दिनभर बनी रही हलचल
एनआईए की कार्रवाई की सूचना मिलते ही पचरूखवा गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। हालांकि सुरक्षा कारणों से किसी को भी जांच स्थल के निकट नहीं जाने दिया गया। पूरे क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बनी रही और कार्रवाई समाप्त होने तक लोगों में चर्चा का माहौल रहा।
एनआईए की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति या विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है। न ही यह बताया गया है कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है या कोई गिरफ्तारी हुई है। जांच एजेंसी ने कार्रवाई के उद्देश्य और आगे की जांच को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की है।
जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह कार्रवाई किस विशेष मामले से संबंधित थी और जांच में क्या महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसे मानव तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच के क्रम में की गई कार्रवाई माना जा रहा है।
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