पीएम मोदी का कानपुर दौरा स्थगित, 10 जुलाई को नहीं होगा आगरा मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशनों का उद्घाटन; अब आईएसबीटी स्टेशन तैयार होने के बाद एक साथ शुरू होगी पांच स्टेशनों की सेवा

पीएम मोदी का कानपुर दौरा स्थगित, 10 जुलाई को नहीं होगा आगरा मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशनों का उद्घाटन; अब आईएसबीटी स्टेशन तैयार होने के बाद एक साथ शुरू होगी पांच स्टेशनों की सेवा

 उत्तर प्रदेश में बहुप्रतीक्षित आगरा मेट्रो परियोजना के पहले भूमिगत कॉरिडोर के उद्घाटन का इंतजार अब थोड़ा और लंबा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 10 जुलाई 2026 को प्रस्तावित कानपुर दौरा स्थगित होने के कारण आगरा मेट्रो के चार भूमिगत स्टेशनों का उद्घाटन फिलहाल टाल दिया गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से नई तारीख का अनुरोध किया है। अब योजना यह है कि आईएसबीटी (ISBT) मेट्रो स्टेशन का निर्माण पूरा होने के बाद एक साथ पांच स्टेशनों का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को एक संपूर्ण सेक्शन की सुविधा मिल सके।

यूपीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो का यह हिस्सा तकनीकी रूप से लगभग पूरी तरह तैयार है। ट्रैक, सिग्नलिंग, बिजली आपूर्ति, कम्युनिकेशन सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े सभी प्रमुख परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। अब केवल उद्घाटन की नई तारीख का इंतजार है।

क्यों टला उद्घाटन कार्यक्रम?

10 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कानपुर में एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसी कार्यक्रम के दौरान आगरा मेट्रो के पहले भूमिगत सेक्शन का उद्घाटन भी किया जाना था। इसके लिए यूपीएमआरसी ने सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली थीं।

स्टेशनों की सफाई, सजावट, सुरक्षा प्रबंध, तकनीकी निरीक्षण और संचालन से जुड़ी अंतिम तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं। लेकिन प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित होने के बाद उद्घाटन समारोह भी स्वतः टल गया।

यूपीएमआरसी के संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) पंचानन मिश्र ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से नई तिथि मांगी गई है। जैसे ही नई तारीख मिलेगी, उद्घाटन कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

किन स्टेशनों का होना था उद्घाटन?

आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर का प्रारंभिक परिचालन खंड बिजलीघर चौराहा से आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक लगभग 6 किलोमीटर लंबा है।

इस हिस्से में कुल पांच स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें—

चार आधुनिक भूमिगत (Underground) स्टेशन
एक एलिवेटेड (Elevated) स्टेशन

शामिल हैं।

हालांकि आईएसबीटी स्टेशन का कुछ निर्माण कार्य अभी बाकी है। इसी वजह से अब यूपीएमआरसी चाहता है कि सभी पांच स्टेशनों को एक साथ जनता के लिए खोला जाए, ताकि यात्रियों को पूरा नेटवर्क उपलब्ध हो सके।

परियोजना की तकनीकी तैयारी पूरी

यूपीएमआरसी के अनुसार आगरा मेट्रो का यह सेक्शन तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है।

अधिकारियों ने बताया कि—

अप और डाउन दोनों ट्रैक पर 100 से अधिक ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।
ट्रेनों की अधिकतम और सामान्य परिचालन गति का परीक्षण किया गया।
सिग्नलिंग और ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम की जांच सफल रही।
बिजली आपूर्ति प्रणाली और बैकअप सिस्टम का परीक्षण पूरा हो चुका है।
टनल वेंटिलेशन, फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की भी जांच की गई।
प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर, लिफ्ट और यात्री सुविधाओं का परीक्षण भी अंतिम चरण में है।

मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है और परियोजना संचालन के लिए तैयार है।

आईएसबीटी स्टेशन बनने के बाद एक साथ होगा शुभारंभ

यूपीएमआरसी का कहना है कि आईएसबीटी स्टेशन का निर्माण अगले एक से डेढ़ महीने में पूरा होने की संभावना है।

स्टेशन तैयार होने के बाद—

अंतिम सुरक्षा निरीक्षण किया जाएगा।
कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की मंजूरी ली जाएगी (यदि आवश्यक प्रक्रिया शेष होगी)।
प्रधानमंत्री कार्यालय से नई तारीख मिलने पर सभी पांच स्टेशनों का एक साथ उद्घाटन कराया जाएगा।

इससे यात्रियों को चरणबद्ध उद्घाटन के बजाय एक संपूर्ण परिचालन सेक्शन उपलब्ध होगा।

एमजी रोड से हटेगी वर्षों पुरानी बैरिकेडिंग

मेट्रो निर्माण के कारण आगरा के सबसे व्यस्त मार्ग एमजी रोड पर लंबे समय से बैरिकेडिंग लगी हुई थी, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था।

यूपीएमआरसी ने बताया कि—

लगभग 40 प्रतिशत बैरिकेडिंग हटाई जा चुकी है।
अगले एक महीने में पूरी बैरिकेडिंग हट जाएगी।
इसके बाद सड़क का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
नए डिवाइडर बनाए जाएंगे।
फुटपाथ विकसित किए जाएंगे।
सड़क का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
ट्रैफिक व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम बनाई जाएगी।

स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

हाईवे पर भी तेज गति से चल रहा निर्माण

आगरा मेट्रो परियोजना का दूसरा बड़ा हिस्सा नेशनल हाईवे-19 पर तेजी से तैयार किया जा रहा है।

यूपीएमआरसी की टीम—

भगवान टॉकीज चौराहे से कालिंदी विहार तक एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कर रही है।

यहां—

पिलर निर्माण,
गर्डर लॉन्चिंग,
ट्रैक बेड निर्माण,
स्टेशन निर्माण,

का कार्य तेजी से जारी है।

अधिकारियों के अनुसार इस हिस्से को लगभग आठ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आगरा मेट्रो से शहर को क्या होगा फायदा?

आगरा मेट्रो परियोजना केवल सार्वजनिक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव मानी जा रही है।

परियोजना पूरी होने के बाद—

ताजमहल, आगरा किला, सिकंदरा, कैंट रेलवे स्टेशन और प्रमुख बाजारों तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।
सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम होगा।
प्रदूषण में कमी आएगी।
पर्यटकों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
स्थानीय लोगों का यात्रा समय कम होगा।
शहर की आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की संभावना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्टेशन

आगरा मेट्रो के स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किए गए हैं। यात्रियों को—

हाई-स्पीड एस्केलेटर,
लिफ्ट,
डिजिटल डिस्प्ले,
ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम,
सीसीटीवी निगरानी,
फायर सेफ्टी सिस्टम,
दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं,
आधुनिक टिकटिंग व्यवस्था,
सुरक्षा जांच प्रणाली

जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उद्घाटन टला, परियोजना नहीं

यूपीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि उद्घाटन केवल प्रशासनिक कारणों से स्थगित हुआ है। परियोजना के निर्माण या तकनीकी कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं है।

जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यालय नई तारीख तय करेगा, उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और इसके तुरंत बाद यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी।

फिलहाल क्या स्थिति है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 10 जुलाई का कानपुर दौरा स्थगित।
आगरा मेट्रो के चार भूमिगत स्टेशनों का उद्घाटन टला।
यूपीएमआरसी ने पीएमओ से नई तारीख मांगी।
आईएसबीटी स्टेशन पूरा होने के बाद पांचों स्टेशनों का एक साथ उद्घाटन प्रस्तावित।
100 से अधिक ट्रायल सफल।
एमजी रोड से बैरिकेडिंग हटाने और हाईवे कॉरिडोर निर्माण का कार्य जारी।