भोपाल में किसान आंदोलन तीसरे दिन उग्र: बैरिकेडिंग तोड़ CM हाउस की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, अर्धनग्न प्रदर्शन और सद्बुद्धि यज्ञ से सरकार पर दबाव
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन और अधिक उग्र हो गया। मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था में सुधार, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और अन्य कृषि संबंधी मांगों को लेकर हजारों किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने निकले। पुलिस ने एम्प्री (AMPRI) के पास वीर सावरकर सेतु पर उन्हें रोकने के लिए चार स्तर की बैरिकेडिंग, सरकारी बसों और भारी पुलिस बल की तैनाती की, लेकिन कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और बसों को हटाने की कोशिश भी की। हालात तनावपूर्ण बने रहे और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है।
चार लेयर की बैरिकेडिंग, कई रास्ते बंद
किसानों को मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने नर्मदापुरम रोड, वीर सावरकर सेतु और आसपास के प्रमुख मार्गों पर चार लेयर में बैरिकेडिंग की। तीन स्थानों पर सरकारी बसें खड़ी कर रास्ता बंद किया गया, जबकि लोहे के बैरिकेड भी लगाए गए। बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे।
आंदोलन के कारण नर्मदापुरम रोड, मिसरोद, कोलार, चुनाभट्टी और आसपास के इलाकों में यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने कई वैकल्पिक मार्ग जारी किए और लोगों से डायवर्जन का पालन करने की अपील की।
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, बसों पर चढ़े प्रदर्शनकारी
दोपहर बाद आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। कई किसान बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और कुछ प्रदर्शनकारी सरकारी बसों के ऊपर तथा भीतर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने बसों को हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस लगातार उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास करती रही। कई स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
अर्धनग्न प्रदर्शन कर जताया विरोध
सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए कई किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी कमीज और बनियान उतारकर सड़क पर नारेबाजी की तथा आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मूंग खरीदी, एमएसपी की कानूनी गारंटी और अन्य लंबित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सड़क पर दाल-बाटी बनाई, सद्बुद्धि यज्ञ भी किया
धरनास्थल पर किसानों ने सड़क पर ही दाल-बाटी बनाकर भोजन की व्यवस्था की। रातभर आंदोलन में डटे कई किसान वहीं आराम करते भी दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान सरकार की "सद्बुद्धि" के लिए विशेष हवन और यज्ञ का आयोजन किया गया। किसानों का कहना था कि लगातार बढ़ती लागत और महंगाई के बावजूद उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
आंदोलन को युवाओं और महिलाओं का समर्थन
आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भी भाग लिया। कई महिलाओं ने कहा कि उन्हें योजनाओं की आर्थिक सहायता से अधिक अपनी उपज का उचित मूल्य चाहिए।
युवा प्रतिभागियों ने भी किसानों के समर्थन में नारे लगाए। कुछ स्थानीय छात्र और Gen-Z के सदस्य भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। एक युवती ने कहा कि वह अपने किसान पिता का समर्थन करने आई है और सरकार को किसानों से सीधे संवाद करना चाहिए।
किसानों का आरोप- हटाई गईं मूलभूत सुविधाएं
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनका मनोबल तोड़ने के लिए धरनास्थल से पेयजल टैंकर, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं हटा दी हैं। किसानों का कहना है कि इन कठिनाइयों के बावजूद वे आंदोलन जारी रखेंगे।
मुख्यमंत्री बोले- मंत्रियों की समिति करेगी बातचीत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों से संवाद के लिए मंत्रियों की एक समिति बनाई गई है, जो आंदोलनकारी किसानों से चर्चा करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है, लेकिन आंदोलन के कारण आम जनता को होने वाली परेशानी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हजारों किसान अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार बातचीत के बजाय उन्हें रोकने में लगी है।
कांग्रेस ने प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और किसानों की लंबित समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग दोहराई।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस लगातार किसानों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर रही है और शांति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करने की अपील की है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी।
ई-टोकन व्यवस्था में सुधार।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी।
किसानों की लंबित कृषि समस्याओं का शीघ्र समाधान।
खाद वितरण व्यवस्था में सुधार।
फिलहाल स्थिति
बुधवार शाम तक आंदोलन जारी रहा। किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे, जबकि पुलिस उन्हें निर्धारित स्थान पर रोकने के प्रयास में जुटी रही। सरकार की ओर से बातचीत के संकेत दिए गए हैं, लेकिन आंदोलनकारी किसान लिखित आश्वासन और ठोस निर्णय मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
news desk MPcg