नेपाल सीमा से बिहार में 93 किलो गांजा बरामद, कीमत करीब ₹37 लाख; वैगनआर कार में छिपाकर ला रहा था तस्कर गिरफ्तार

नेपाल सीमा से बिहार में 93 किलो गांजा बरामद, कीमत करीब ₹37 लाख; वैगनआर कार में छिपाकर ला रहा था तस्कर गिरफ्तार

पश्चिम चंपारण पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वाहन जांच के दौरान पकड़ी गई मादक पदार्थों की खेप; एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में नेपाल सीमा से एक बार फिर मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने वाहन जांच अभियान के दौरान एक वैगनआर कार से 92.693 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब ₹37 लाख बताई जा रही है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

यह कार्रवाई पुरुषोत्तमपुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

गुप्त सूचना के बाद शुरू हुआ विशेष वाहन जांच अभियान

पुलिस के अनुसार, सोमवार रात सूचना मिली थी कि नेपाल से गांजे की एक बड़ी खेप भारतीय सीमा में प्रवेश कर चुकी है और उसे बेतिया की ओर ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही पुरुषोत्तमपुर थाना प्रभारी कमलेश भगत के नेतृत्व में थाना क्षेत्र के समीप मोड़ पर विशेष वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की गई ताकि संदिग्ध वाहन को रोका जा सके।

कुछ देर बाद एक सफेद रंग की वैगनआर कार मौके पर पहुंची। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें कार के भीतर विशेष तरीके से छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ।

कार से मिला 92.693 किलो गांजा

तलाशी के दौरान पुलिस ने कार से 92 किलो 693 ग्राम गांजा बरामद किया। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया, साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार को भी सीज कर दिया गया।

पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने से यह स्पष्ट है कि इसे व्यक्तिगत उपयोग के लिए नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सप्लाई के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

आरोपी की पहचान, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजकुमार कुशवाहा के रूप में हुई है, जो नवलपुर थाना क्षेत्र के निमुईया गांव का निवासी बताया गया है।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) Act के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पूछताछ में मिले अहम सुराग

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के दौरान तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि—

गांजे की खेप नेपाल के किस क्षेत्र से लाई गई थी।
इसका अंतिम गंतव्य कौन-सा शहर था।
खेप किसे सौंपी जानी थी।
इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सीमा पार तस्करी में किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

पुलिस का कहना है कि इन जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

तस्करी गिरोह की तलाश में लगातार छापेमारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, वाहन की आवाजाही और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

नेपाल सीमा पर मादक पदार्थ तस्करी बनी चुनौती

पश्चिम चंपारण जिले की नेपाल से लगती खुली सीमा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रही है। समय-समय पर गांजा, चरस और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं।

इसी कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां नियमित रूप से संयुक्त अभियान चलाती हैं। वाहन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई लगातार जारी रहती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा आधुनिक निगरानी तंत्र की आवश्यकता है।

पुलिस का बयान

पुरुषोत्तमपुर थाना पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब ₹37 लाख है। मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके आधार पर पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।

पुलिस ने कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।

आगे क्या?

फिलहाल बरामद गांजे को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप बिहार के भीतर सप्लाई की जानी थी या किसी अन्य राज्य तक पहुंचाई जानी थी।

यदि पूछताछ में मिले सुराग सही साबित होते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई नेपाल सीमा से संचालित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर एक महत्वपूर्ण प्रहार साबित हो सकती है।