वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से वृद्ध की मौत: औरंगाबाद में ट्रैक किनारे हुआ दर्दनाक हादसा, 72 घंटे तक पहचान का इंतजार करेगी पुलिस
बिहार के औरंगाबाद जिले में सोमवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में करीब 60 वर्षीय एक अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से वृद्ध की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह हादसा बारुण थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोननगर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर हुआ। सूचना मिलते ही बारुण थाना पुलिस और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है और पुलिस उसकी शिनाख्त के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अज्ञात शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए 72 घंटे तक इंतजार किया जाएगा। इस दौरान मृतक की तस्वीर, हुलिया और अन्य जानकारी आसपास के जिलों, थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाएगी। यदि तय समय सीमा तक कोई परिजन या परिचित सामने नहीं आता, तो कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोननगर रेलवे स्टेशन के पास हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक हादसा सोननगर रेलवे स्टेशन के समीप पोल संख्या 550/13 और 550/14 के बीच हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वृद्ध रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल चल रहा था। उसी समय डेहरी से गया की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस तेज गति से वहां पहुंची और वह ट्रेन की चपेट में आ गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और रेलवे अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं जांच की कार्रवाई शुरू हुई।
ट्रैक पर काम कर रहे मजदूरों ने दी पहली सूचना
घटनास्थल के आसपास रेलवे लाइन पर कार्य कर रहे मजदूरों ने बताया कि उन्होंने वृद्ध को ट्रैक के किनारे चलते देखा था। कुछ ही सेकंड बाद तेज रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस वहां से गुजरी और हादसा हो गया। मजदूरों ने तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस और रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतनी तेजी से हुआ कि वृद्ध को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर नहीं मिल सका।
मौके पर पहुंची पुलिस और जीआरपी
सूचना मिलने के तुरंत बाद बारुण थाना पुलिस और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बारुण थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 60 वर्ष प्रतीत होती है। उसके पास कोई पहचान पत्र, मोबाइल फोन या ऐसा दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान की जा सके। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
पहचान के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान
पुलिस ने मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई शुरू की है। मृतक की तस्वीर और विवरण आसपास के सभी पुलिस थानों, रेलवे पुलिस चौकियों और जिला नियंत्रण कक्षों को भेजा गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्थानीय सूचना नेटवर्क के माध्यम से भी जानकारी प्रसारित की जा रही है।
साथ ही हाल के दिनों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों का भी मिलान किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक किसी लापता व्यक्ति से मेल खाता है या नहीं।
72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा शव
पुलिस ने बताया कि अज्ञात शवों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत पहचान के लिए निश्चित समय तक इंतजार किया जाता है। इसी प्रक्रिया के अनुसार इस मामले में भी शव को सुरक्षित रखा जाएगा और 72 घंटे तक परिजनों के सामने आने का इंतजार किया जाएगा।
यदि इस दौरान मृतक की पहचान हो जाती है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। अन्यथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सभी औपचारिकताओं के बाद प्रशासन नियमानुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करेगा।
वंदे भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों के बीच बढ़ी सुरक्षा की जरूरत
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत एक्सप्रेस देश की सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों में शामिल है और निर्धारित रेलखंडों पर तेज गति से संचालित होती है। ऐसे में रेलवे ट्रैक पर चलना या ट्रैक पार करने का प्रयास बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
रेलवे समय-समय पर लोगों से अपील करता है कि वे केवल अधिकृत रेलवे क्रॉसिंग, फुटओवर ब्रिज और अंडरपास का ही उपयोग करें। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश रेल हादसे सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं, जिन्हें जागरूकता और सावधानी से रोका जा सकता है।
रेलवे ट्रैक पर लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय
रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देश के कई हिस्सों में अब भी लोग रेलवे ट्रैक को पैदल मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन वाले मार्गों पर यह जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन, रेलवे और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। इसके लिए नियमित जागरूकता अभियान, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा घेराबंदी और नियमों का सख्ती से पालन आवश्यक है।
पुलिस की अपील
बारुण थाना पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी परिवार का कोई बुजुर्ग या व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से लापता है, या जारी किए गए हुलिए और तस्वीर से मृतक की पहचान होती है, तो तत्काल बारुण थाना या सरकारी रेलवे पुलिस से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि मृतक की पहचान कर उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाना फिलहाल उनकी प्राथमिकता है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अगले 72 घंटे के भीतर मृतक की पहचान हो पाती है या नहीं।
news desk MPcg