CJP प्रदर्शन पर राज्यसभा में सियासी घमासान: खरगे ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, नड्डा बोले- कानून व्यवस्था के तहत हुई कार्रवाई

CJP प्रदर्शन पर राज्यसभा में सियासी घमासान: खरगे ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, नड्डा बोले- कानून व्यवस्था के तहत हुई कार्रवाई

संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) प्रदर्शन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सदन में उठा, जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार को घेरा। वहीं, केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई की।

मामला उस समय गरमा गया जब विपक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती गई और पुलिस कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

खरगे ने उठाया छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CJP प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर की गई पुलिस कार्रवाई की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों ने कार्रवाई की, उनकी भूमिका की जांच कर उचित कदम उठाए जाएं।

खरगे ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन स्थल पर पुलिस को भेजने का आदेश किसने दिया और किस आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।

उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर गृह मंत्री की ओर से जवाब देने की मांग भी की।

विपक्ष ने सरकार पर लगाए आरोप

खरगे के बयान के बाद विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया।

विपक्ष की ओर से मांग की गई कि प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर किसी अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो।

जेपी नड्डा ने दिया सरकार की ओर से जवाब

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा सामान्य विषय है। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है और इसी जिम्मेदारी के तहत कार्रवाई की गई।

नड्डा ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को कई परिस्थितियों को संभालना पड़ता है। उन्होंने विपक्ष पर इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कानून के दायरे में कार्रवाई की।

नड्डा ने याद किया छात्र आंदोलन का दौर

बहस के दौरान जेपी नड्डा ने अपने छात्र राजनीति के दिनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह खुद छात्र कार्यकर्ता रहे हैं और आंदोलन के दौरान कई परिस्थितियों का सामना कर चुके हैं।

नड्डा ने आपातकाल के समय का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में छात्र आंदोलन से जुड़े रहने के कारण उन्हें भी गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति और एक्टिविज्म में इस तरह की परिस्थितियां सामने आती रहती हैं।

नड्डा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आंदोलन का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।

'मामले को सनसनीखेज बनाया जा रहा है': नड्डा

केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह एक सामान्य कानून व्यवस्था के मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि घटना को जरूरत से ज्यादा बढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

नड्डा ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य किसी की आवाज दबाना नहीं, बल्कि व्यवस्था बनाए रखना होता है।

क्या है पूरा मामला?

CJP प्रदर्शन को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया।

विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया, जबकि सरकार का कहना है कि पुलिस ने भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

संसद में जारी है सियासी टकराव

CJP प्रदर्शन को लेकर राज्यसभा में हुई बहस ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को बढ़ा दिया है। विपक्ष जहां इसे छात्रों और प्रदर्शन के अधिकार से जोड़ रहा है, वहीं सरकार इसे कानून व्यवस्था का मामला बता रही है।

फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है और संसद में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।