U20 एथलेटिक्स: 3 भारतीय फाइनल में

U20 एथलेटिक्स: 3 भारतीय फाइनल में

जेवलिन में आशीष यादव-धरणीधरन और डिस्कस में अमानत कंबोज ने बनाई जगह, यूजीन में भारत की शानदार शुरुआत

यूजीन (अमेरिका)। वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की है। अमेरिका के यूजीन में आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता के पहले दिन भारत के तीन एथलीटों ने अपने-अपने इवेंट के फाइनल में जगह बनाकर देश की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

पुरुषों के जेवलिन थ्रो में आशीष यादव और टी धरणीधरन ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, जबकि महिलाओं के डिस्कस थ्रो में अमानत कंबोज ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंतिम दौर में जगह बनाई। भारतीय दल के लिए यह शुरुआत काफी सकारात्मक मानी जा रही है, क्योंकि युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता साबित की है।


जेवलिन में आशीष यादव दूसरे स्थान पर

पुरुषों के जेवलिन थ्रो क्वालीफिकेशन में भारत के 19 वर्षीय आशीष यादव ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रुप-ए में 69.87 मीटर का थ्रो किया और अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया।

हालांकि, ओवरऑल क्वालीफिकेशन रैंकिंग में आशीष दूसरे स्थान पर रहे। दक्षिण अफ्रीका के जन-हेन्ड्रिक हेमंस ने 76.02 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया।

आशीष का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 74.49 मीटर है, जो उनका करियर और इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड है। प्रतियोगिता में जेवलिन थ्रो के लिए ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन मार्क 72.50 मीटर तय किया गया था, जिसे केवल हेमंस ही पार कर सके।

आशीष ने क्वालीफिकेशन में अपनी तकनीक और क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। अब फाइनल में उनसे बेहतर प्रदर्शन और पदक की उम्मीद की जा रही है।


धरणीधरन ने अंतिम स्थान से बनाई जगह

भारत के दूसरे जेवलिन खिलाड़ी टी धरणीधरन ने भी फाइनल में प्रवेश कर लिया है।

धरणीधरन ने ग्रुप-बी क्वालीफिकेशन में 68.07 मीटर का थ्रो किया। वह अपने ग्रुप में पांचवें स्थान पर रहे, लेकिन ओवरऑल रैंकिंग में उन्होंने 12वां और अंतिम क्वालीफाइंग स्थान हासिल किया।

धरणीधरन के फाइनल में पहुंचने से भारत की जेवलिन स्पर्धा में दोहरी चुनौती बनी हुई है। इस इवेंट का फाइनल शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा।

भारत के लिए जेवलिन थ्रो में एक खास उपलब्धि यह भी है कि पुरुषों की U20 विश्व रिकॉर्ड सूची में भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा का नाम दर्ज है। उन्होंने साल 2016 में 86.48 मीटर का थ्रो कर यह रिकॉर्ड बनाया था।


अमानत कंबोज डिस्कस फाइनल में पहुंचीं

महिलाओं के डिस्कस थ्रो में भारत की अमानत कंबोज ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

अमानत ने ग्रुप-ए क्वालीफिकेशन में 52.58 मीटर का थ्रो किया, जो उनका इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वह अपने ग्रुप में छठे स्थान पर रहीं और ओवरऑल रैंकिंग में 12वें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।

डिस्कस थ्रो में चीन की सू यिशिन ने 58.06 मीटर के थ्रो के साथ क्वालीफिकेशन में पहला स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन मार्क 55 मीटर था।

अमानत के प्रदर्शन ने भारतीय महिला एथलेटिक्स में भी उम्मीदें बढ़ाई हैं।


800 मीटर में मोगाली वेंकटराम सेमीफाइनल में

पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में भारत के मोगाली वेंकटराम ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी हीट में 1 मिनट 52.81 सेकंड का समय निकाला और तीसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई।

वहीं, भारत के उविन आनंद को पहले दौर में ही बाहर होना पड़ा। उन्होंने 1 मिनट 52.37 सेकंड का समय दर्ज किया, लेकिन अपनी हीट में सातवें स्थान पर रहने के कारण वह आगे नहीं बढ़ सके।

ओवरऑल रैंकिंग में उविन आनंद 30वें स्थान पर रहे। 800 मीटर के पहले दौर में युगांडा के शफेक मुरुंगी सबसे तेज रहे, जिन्होंने 1 मिनट 46.64 सेकंड का समय निकाला।


मिक्स्ड रिले में भारत बाहर

4x400 मीटर मिक्स्ड रिले में भारतीय टीम फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।

भारतीय टीम में पीयूष राज, तहुरा खातून, सैयद सबीर और थिया अरुमुगम शामिल थे। टीम ने अपनी हीट में 3 मिनट 22.85 सेकंड का समय दर्ज किया और चौथे स्थान पर रही।

ओवरऑल रैंकिंग में भारत 11वें स्थान पर रहा, जिसके कारण टीम अगले दौर में जगह नहीं बना सकी।

इस स्पर्धा में अमेरिका ने सबसे तेज प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 18.26 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया।

इससे पहले 2022 की U20 विश्व चैंपियनशिप में भारत ने 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले में शानदार प्रदर्शन किया था और 3 मिनट 17.76 सेकंड के एशियाई रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता था।


फाइनल में पदक की उम्मीद

वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप के पहले दिन भारत के तीन खिलाड़ियों का फाइनल में पहुंचना बड़ी उपलब्धि है। जेवलिन थ्रो में आशीष यादव और टी धरणीधरन के अलावा डिस्कस थ्रो में अमानत कंबोज अब पदक के लिए मैदान में उतरेंगे।

भारतीय एथलेटिक्स में युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतर हुआ है। अब सभी की नजरें फाइनल मुकाबलों पर हैं, जहां भारतीय एथलीट अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे।