गुना में नशा तस्कर को 10 साल की सजा: कार से कर रहा था डोडा चूरा की तस्करी, 62 किलो मादक पदार्थ हुआ था जब्त

गुना में नशा तस्कर को 10 साल की सजा: कार से कर रहा था डोडा चूरा की तस्करी, 62 किलो मादक पदार्थ हुआ था जब्त

राजस्थान के आरोपी को NDPS एक्ट के तहत कोर्ट ने ठहराया दोषी, पुलिस कार्रवाई और सबूतों के आधार पर सुनाया फैसला

गुना जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मादक पदार्थ डोडा चूरा की तस्करी के मामले में न्यायालय ने राजस्थान के रहने वाले आरोपी को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। यह मामला मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था, जिसमें पुलिस ने आरोपी को बड़ी मात्रा में डोडा चूरा के साथ गिरफ्तार किया था।

मामले के अनुसार, आरोपी राजस्थान से कार के जरिए डोडा चूरा लेकर जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक वाहन के माध्यम से अवैध रूप से मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध कार को रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में डोडा चूरा बरामद हुआ।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से करीब 62 किलो डोडा चूरा जब्त किया गया था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद चालान न्यायालय में पेश किया, जहां लंबे समय तक इस मामले की सुनवाई चली।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ कई अहम साक्ष्य पेश किए। पुलिस द्वारा जब्त किए गए मादक पदार्थ, जांच रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों को कोर्ट के सामने रखा गया। इन सभी सबूतों के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल था।

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर जुर्माना भी लगाया गया। अदालत के इस फैसले को नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के लिए सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अवैध रूप से नशे का कारोबार करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य है कि युवाओं तक पहुंच रहे नशीले पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाए।

गुना सहित आसपास के जिलों में भी पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी पर नजर बनाए हुए है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच आने-जाने वाले रास्तों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि तस्कर अक्सर वाहनों के जरिए मादक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

इस मामले में कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस की कार्रवाई को मजबूती मिली है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी नशा तस्करों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।