भोपाल: संवेदनशील इंजेक्शन की आसान उपलब्धता पर सवाल, जांच में सामने आई मेडिकल स्टोरों की लापरवाही
भोपाल। ऑपरेशन थिएटर में केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इस्तेमाल होने वाली एक बेहद संवेदनशील दवा की बिक्री को लेकर मध्यप्रदेश में सवाल उठ रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि भोपाल, सागर और इंदौर में कुछ मेडिकल स्टोरों पर इस दवा को खरीदने के दौरान जरूरी मेडिकल दस्तावेजों की जांच नहीं की गई।
यह दवा इतनी प्रभावी होती है कि गलत इस्तेमाल की स्थिति में व्यक्ति की सांस लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण इसका उपयोग केवल एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की निगरानी में ऑपरेशन के दौरान किया जाता है।
भोपाल, सागर और इंदौर में हुई जांच
दवा की उपलब्धता और बिक्री प्रक्रिया की जांच के लिए तीन बड़े शहरों में पड़ताल की गई। इस दौरान मेडिकल स्टोरों पर जाकर यह देखा गया कि दवा खरीदने के लिए किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
जांच में कुछ जगहों पर सामने आया कि मेडिकल स्टोर संचालकों ने डॉक्टर का वैध प्रिस्क्रिप्शन, अस्पताल की सील या मरीज से जुड़े दस्तावेजों की मांग नहीं की और केवल साधारण पर्ची के आधार पर दवा उपलब्ध करा दी।
सागर में साधारण पर्ची पर उपलब्ध हुई दवा
सागर में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के आसपास मेडिकल स्टोरों की जांच की गई। यहां एक व्यक्ति के माध्यम से दवा खरीदने की प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, व्यक्ति के पास केवल एक साधारण पर्ची थी, जिसमें दवा का नाम लिखा था। मेडिकल स्टोर संचालक ने डॉक्टर की वैध पर्ची, अस्पताल की सील या मरीज से संबंधित दस्तावेज नहीं मांगे और कुछ ही समय में दवा उपलब्ध करा दी।
भोपाल में भी नहीं हुआ मेडिकल सत्यापन
राजधानी भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज के आसपास भी दवा की उपलब्धता को लेकर जांच की गई।
जांच के दौरान एक व्यक्ति साधारण पर्ची लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचा। एक दुकान पर दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई, लेकिन दूसरे मेडिकल स्टोर पर पहुंचने के बाद केवल दवा का नाम देखकर इसे उपलब्ध करा दिया गया।
इस दौरान भी डॉक्टर की पर्ची और अस्पताल से संबंधित दस्तावेजों की मांग नहीं की गई।
इंदौर में तत्काल उपलब्ध नहीं मिली दवा
इंदौर में जांच के दौरान कई मेडिकल स्टोरों पर पूछताछ की गई। यहां दवा तुरंत उपलब्ध नहीं मिली।
कई दुकानदारों ने बताया कि इसे नियमित स्टॉक में नहीं रखा जाता, लेकिन जरूरत पड़ने पर मंगवाया जा सकता है।
सागर मामले के बाद उठे थे सवाल
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इस दवा के गलत इस्तेमाल का मामला सामने आया था। यहां भर्ती मरीज देवेंद्र पाठक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
आरोप था कि ऑपरेशन से पहले दवा लगाए जाने के बाद मरीज की हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत इलाज दिया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन 11 दिन बाद उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच के बाद कॉलेज प्रबंधन ने संबंधित नर्स शिखा पटले को निलंबित कर दिया था। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
विशेषज्ञों ने बताया- निगरानी जरूरी
एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के अनुसार, यह दवा मरीज की मांसपेशियों को कुछ समय के लिए शिथिल कर देती है। इसके बाद मरीज खुद से सांस नहीं ले पाता, इसलिए इसे देने के बाद कृत्रिम सांस की व्यवस्था जरूरी होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी दवाओं का इस्तेमाल केवल प्रशिक्षित डॉक्टरों की निगरानी में ही किया जाना चाहिए।
शेड्यूल-एच दवाओं की बिक्री पर नियम
औषधि नियमों के अनुसार शेड्यूल-एच श्रेणी की दवाओं की बिक्री पंजीकृत चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जा सकती है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोरों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री बोले- नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि शेड्यूल-एच और एच-1 श्रेणी की दवाओं की बिक्री केवल चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नियमों के पालन के लिए औषधि निरीक्षकों द्वारा लगातार जांच की जा रही है। अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आसान उपलब्धता रोकना बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली संवेदनशील दवाओं की बिक्री और उपलब्धता पर कड़ी निगरानी जरूरी है। बिना पर्याप्त जांच के ऐसी दवाओं का मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
Tags:
- #Bhopal
- #MadhyaPradesh
- #MPNews
- #BhopalNews
- #MedicalNews
- #HealthNews
- #MedicalStore
- #DrugSafety
- #DrugControl
- #HealthDepartment
- #MedicineSafety
- #MedicalCollege
- #HospitalNews
- #HealthcareNews
- #MadhyaPradeshNews
- #BreakingNews
- #LatestNews
- #MPBreakingNews
- #HealthAlert
- #DrugRegulation
- #MedicalSafety
- #SagarNews
- #IndoreNews
- #HealthcareSystem
- #PublicHealth
- #NewsUpdate
news desk MPcg