अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में बड़ी शुरुआत, NRT ने सोलर ड्रोन निर्माण इकाई की नींव रखी

अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में बड़ी शुरुआत, NRT ने सोलर ड्रोन निर्माण इकाई की नींव रखी

अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी औद्योगिक पहल देखने को मिल रही है। बेंगलुरु स्थित न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज (NRT) ने यहां सोलर ड्रोन निर्माण इकाई की स्थापना का काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना को भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह इकाई Aligarh Defence Corridor में विकसित की जा रही है, जहां भविष्य में उन्नत तकनीक आधारित मानव रहित विमान (UAV) यानी ड्रोन तैयार किए जाएंगे। कंपनी का उद्देश्य सोलर पावर्ड ड्रोन का निर्माण करना है, जो लंबी दूरी तक बिना पारंपरिक ईंधन के संचालन में सक्षम होंगे।

इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने कंपनी को लगभग 3.5 एकड़ भूमि आवंटित की है। इसके बाद फैक्ट्री का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यह निवेश न केवल क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को गति देगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

कंपनी न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज (NRT), जो बेंगलुरु स्थित एक डिफेंस टेक्नोलॉजी फर्म है, पहले से ही रक्षा मंत्रालय के साथ विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रही है। जानकारी के अनुसार, कंपनी को हाल ही में सोलर पावर्ड UAV की आपूर्ति के लिए रक्षा मंत्रालय से ऑर्डर भी प्राप्त हुए हैं, जिससे इस परियोजना का महत्व और बढ़ जाता है।

यह पहल Aligarh को रक्षा निर्माण के एक उभरते हुए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। डिफेंस कॉरिडोर के तहत भारत सरकार का उद्देश्य देश को रक्षा उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है, और यह प्रोजेक्ट उसी लक्ष्य को मजबूत करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर ड्रोन तकनीक भविष्य में निगरानी, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे न केवल रक्षा क्षमताओं में सुधार होगा, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।