इंदौर के 12 साल के सुमेध ने विश्व मंच पर लहराया तिरंगा, WEKAF चैंपियनशिप में भारत को दिलाया रजत पदक
13 देशों के खिलाड़ियों के बीच दिखाया दमखम, छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सुमेध ने बढ़ाया इंदौर और मध्य प्रदेश का मान
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के 12 वर्षीय खिलाड़ी सुमेध श्रीवास्तव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। सुमेध ने वर्ल्ड एस्क्रीमा काली आर्निस फेडरेशन (WEKAF) की ओर से आयोजित 18वीं वर्ल्ड एस्क्रीमा काली आर्निस चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, कोच और खेल जगत में खुशी का माहौल है।
प्रतियोगिता का आयोजन नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में किया गया था, जहां दुनिया के कई देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। पैडेड स्टिक इवेंट में सुमेध ने अपनी शानदार तकनीक, तेज प्रतिक्रिया और बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और भारत के लिए सिल्वर मेडल हासिल किया।
13 देशों के खिलाड़ियों के बीच सुमेध ने दिखाया हुनर
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के अलावा फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, नीदरलैंड, जर्मनी, चीन, अमेरिका, मलेशिया, थाईलैंड और यूनाइटेड किंगडम सहित कुल 13 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।
कड़े मुकाबलों के बीच सुमेध ने आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए कई अनुभवी खिलाड़ियों को चुनौती दी। कम उम्र के बावजूद उन्होंने अपनी रणनीति और अभ्यास के दम पर शानदार प्रदर्शन किया और पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
चार साल की उम्र से शुरू किया था खेल का सफर
सुमेध श्रीवास्तव का खेल सफर बेहद कम उम्र में शुरू हो गया था। उनके कोच मास्टर सईद आलम के मुताबिक, सुमेध ने महज चार वर्ष की उम्र में गोवा में आयोजित नेशनल आर्निस चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और वहां कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी। साल 2024 में कुरुक्षेत्र में आयोजित नेशनल आर्निस चैंपियनशिप के पैडेड स्टिक इवेंट में सुमेध ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की थी। अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ा अध्याय जोड़ दिया है।
सुमेध का लक्ष्य अब गोल्ड मेडल जीतना
रजत पदक जीतने के बाद सुमेध ने कहा कि उनका सपना भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि सिल्वर मेडल से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वह अगले लक्ष्य के लिए और ज्यादा मेहनत करेंगे।
सुमेध ने कहा कि वह आने वाली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा सबसे ऊंचा लहराना उनका सपना है।
कोच और परिवार ने जताई खुशी
सुमेध की सफलता पर उनके कोच मास्टर सईद आलम और परिवार ने खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि सुमेध ने कम उम्र में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है।
उन्होंने बताया कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण के कारण सुमेध ने यह मुकाम हासिल किया है। आने वाले समय में वह भारत के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
सुमेध श्रीवास्तव की यह उपलब्धि न सिर्फ इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। छोटी उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना उनकी मेहनत और प्रतिभा को दर्शाता है।
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