NEET UG Counselling 2026: सीट अलॉटमेंट से पहले इन बातों का रखें ध्यान, बढ़ सकते हैं पसंदीदा कॉलेज के मौके

NEET UG Counselling 2026: सीट अलॉटमेंट से पहले इन बातों का रखें ध्यान, बढ़ सकते हैं पसंदीदा कॉलेज के मौके

चॉइस फिलिंग से लेकर दस्तावेजों तक हर कदम जरूरी, छोटी गलती से हाथ से निकल सकता है मनचाहा कॉलेज

NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सीट अलॉटमेंट से पहले सही रणनीति बनाना बेहद जरूरी है। कॉलेज विकल्प भरते समय सावधानी और काउंसलिंग के नियमों की जानकारी छात्रों को बेहतर सीट हासिल करने में मदद कर सकती है।

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने 5 अगस्त से नीट यूजी काउंसलिंग शुरू की है। हर साल कई उम्मीदवार अच्छी रैंक होने के बावजूद गलत चॉइस फिलिंग या जानकारी की कमी के कारण पसंदीदा कॉलेज पाने से चूक जाते हैं।

काउंसलिंग के नियम समझना जरूरी

नीट यूजी काउंसलिंग दो प्रमुख स्तरों पर होती है। इसमें ऑल इंडिया कोटा (15 प्रतिशत सरकारी सीटें) और स्टेट कोटा शामिल हैं। इसके अलावा एम्स, जेआईपीएमईआर, केंद्रीय और डीम्ड यूनिवर्सिटी की सीटों पर भी MCC के जरिए प्रवेश मिलता है।

रजिस्ट्रेशन के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण चॉइस फिलिंग और लॉकिंग का होता है। उम्मीदवारों को कॉलेज चयन करते समय अपनी रैंक, पिछले साल की कटऑफ और अपनी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखना चाहिए।

कॉलेज विकल्प भरने का सही तरीका

छात्र अपनी पसंद की लिस्ट को तीन हिस्सों में तैयार कर सकते हैं:

पहली प्राथमिकता: ऐसे कॉलेज जिनमें एडमिशन मुश्किल हो सकता है, लेकिन कोशिश की जा सकती है।
दूसरी प्राथमिकता: वे कॉलेज जहां रैंक के अनुसार प्रवेश की संभावना ज्यादा हो।
तीसरी प्राथमिकता: सुरक्षित विकल्प वाले कॉलेज, जहां सीट मिलने के अच्छे अवसर हों।

सिर्फ बड़े नाम वाले कॉलेज भरने के बजाय ज्यादा से ज्यादा विकल्प देना बेहतर रणनीति हो सकती है।

दस्तावेज पहले से रखें तैयार

काउंसलिंग और कॉलेज रिपोर्टिंग के समय दस्तावेजों की जांच होती है। इसलिए सभी जरूरी कागजात पहले से तैयार रखना जरूरी है।