भोपाल में टैक्सी चालकों की महाबैठक आज: किराया नहीं बढ़ा तो प्रदेशभर में आंदोलन, अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी
चेनार पार्क में दोपहर 12 बजे होगी बैठक, एग्रीगेटर कंपनियों के पुराने रेट लागू करने से नाराज ड्राइवर तय करेंगे अगला कदम
भोपाल में टैक्सी चालकों और एग्रीगेटर कंपनियों के बीच किराए को लेकर चल रहा विवाद अब बड़े आंदोलन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। भोपाल टैक्सी चालक संघ, जो भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध है, ने शनिवार को टैक्सी चालकों की महाबैठक बुलाई है। यह बैठक दोपहर 12 बजे लिंक रोड-1 स्थित चेनार पार्क में होगी। बैठक में शहरभर के टैक्सी चालकों को बुलाया गया है और उनकी समस्याओं, मांगों और सुझावों पर चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। संघ का कहना है कि यदि सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों की ओर से किराए को लेकर कोई समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जा सकता है।
टैक्सी चालक संघ का आरोप है कि कंपनियों के खिलाफ 23, 24 और 25 जून को एयरपोर्ट राइड का बहिष्कार किया गया था। इस आंदोलन के बाद कंपनियों ने दबाव में आकर किराए में करीब 5 से 10 प्रतिशत तक कुछ सुधार किया था। हालांकि, संघ का दावा है कि आंदोलन खत्म होते ही कंपनियों ने दोबारा पुराने किराए लागू कर दिए। अब स्थिति यह है कि कई राइड में ड्राइवरों को केवल 30 से 40 रुपए तक का किराया मिल रहा है, जबकि पहले इन्हीं तरह की बुकिंग पर 50 से 60 रुपए तक का भुगतान मिलता था। संघ का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के बीच कम किराए पर काम करना ड्राइवरों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।
बैठक को लेकर संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने बताया कि इसमें भोपाल के सभी टैक्सी चालकों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। ड्राइवर बैठक में अपने सामने आ रही समस्याएं बताएंगे और आगे के आंदोलन को लेकर सुझाव भी देंगे। संगठन इन्हीं सुझावों के आधार पर अगला कदम तय करेगा। यदि बैठक के बाद भी सरकार या एग्रीगेटर कंपनियों की तरफ से कोई समाधान नहीं निकलता है, तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करने, धरना-प्रदर्शन करने और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया जा सकता है।
टैक्सी चालक संघ का मुख्य मुद्दा किराए को लेकर स्पष्ट सरकारी नीति नहीं होने का है। संगठन का कहना है कि मध्यप्रदेश में टैक्सी किराया तय करने के लिए ऐसी स्थायी और स्पष्ट व्यवस्था नहीं है, जिसके आधार पर सभी एग्रीगेटर कंपनियां किराया तय करें। इसी वजह से कंपनियां अपने हिसाब से किराया निर्धारित कर रही हैं और ड्राइवरों को कम भुगतान मिल रहा है। संघ ने सरकार से मांग की है कि टैक्सी किराए को लेकर एक स्थायी गाइडलाइन बनाई जाए, जिसमें बेस फेयर, यात्रा के समय का शुल्क और प्रति किलोमीटर किराया स्पष्ट रूप से तय हो।
संघ के प्रस्ताव के अनुसार, हर राइड के लिए 50 से 60 रुपए का बेस फेयर निर्धारित किया जाना चाहिए। इसके अलावा यात्रा की अवधि के आधार पर 1 से 1.50 रुपए प्रति मिनट टाइम चार्ज और वाहन की श्रेणी के हिसाब से 22 से 30 रुपए प्रति किलोमीटर की दर तय करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि इस तरह किराया तय होने से ड्राइवरों को उनकी लागत के हिसाब से भुगतान मिल सकेगा और यात्रियों के लिए भी किराए की व्यवस्था ज्यादा स्पष्ट होगी।
संघ का यह भी कहना है कि समस्या का समाधान केवल किराए में एक निश्चित प्रतिशत बढ़ोतरी करने से नहीं होगा। महामंत्री राजेश कुमार नागले के मुताबिक, वर्ष 2014 में एग्रीगेटर कंपनियों की किराया व्यवस्था में बेस फेयर के साथ टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर किराया भी शामिल था। उनका कहना है कि अब ज्यादातर मामलों में भुगतान मुख्य रूप से दूरी के आधार पर किया जा रहा है। ऐसे में ड्राइवरों के लिए वाहन चलाने की वास्तविक लागत को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
ड्राइवरों की ओर से वाहन के रखरखाव, बीमा, ईंधन और अन्य खर्चों का भी हवाला दिया गया है। संघ का कहना है कि टैक्सी चालक को सिर्फ गाड़ी चलाने का खर्च ही नहीं उठाना पड़ता, बल्कि वाहन की सर्विसिंग और रखरखाव से लेकर बीमा तक कई तरह के खर्च होते हैं। इसलिए किराया तय करते समय इन सभी लागतों को ध्यान में रखना जरूरी है। संगठन पुरानी किराया प्रणाली में बेस फेयर, टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर भुगतान को दोबारा शामिल करने की मांग कर रहा है।
संघ ने अपने प्रस्तावित किराया मॉडल के आधार पर भोपाल के कुछ प्रमुख रूटों का अनुमान भी सामने रखा है। इसके मुताबिक अरेरा हिल्स से राजा भोज एयरपोर्ट तक अभी करीब 246 से 282 रुपए का किराया मिलता है। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर यह किराया बढ़कर करीब 416 से 552 रुपए तक पहुंच सकता है। इसी तरह न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन के बीच मौजूदा किराया 95 से 108 रुपए के आसपास बताया गया है, जो प्रस्तावित मॉडल के अनुसार 205 से 270 रुपए तक हो सकता है।
लालघाटी से एमपी नगर के रूट पर मौजूदा किराया 152 से 167 रुपए बताया गया है। संघ के प्रस्तावित मॉडल के अनुसार यह बढ़कर करीब 302 से 401 रुपए तक पहुंच सकता है। वहीं रातीबड़ थाना से भोपाल रेलवे स्टेशन तक वर्तमान किराया 274 से 314 रुपए के बीच बताया गया है, जबकि प्रस्तावित दरों के हिसाब से यह 474 से 638 रुपए तक हो सकता है।
अब शनिवार को होने वाली महाबैठक को टैक्सी चालकों के आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में ड्राइवरों की राय लेने के बाद संगठन यह तय करेगा कि सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों के सामने मांगें रखने के लिए आगे क्या कदम उठाया जाए। अगर मांगों पर सहमति नहीं बनी तो संघ ने प्रदेश स्तर पर आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल तक जाने की तैयारी के संकेत दिए हैं।
news desk MPcg