पटना यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हंगामा: मंच पर डिग्री देने की मांग पर अड़े छात्र, राज्यपाल बिना संबोधन लौटे; 1305 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
पटना यूनिवर्सिटी के शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रों के हंगामे के कारण कार्यक्रम में व्यवधान पैदा हो गया। पटना वीमेंस कॉलेज के मदर वेरोनिका ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह के दौरान कुछ छात्र मंच पर बुलाकर डिग्री दिए जाने की मांग को लेकर अड़ गए। स्थिति बिगड़ने के बाद राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सैय्यद अता हसनैन ने अपना संबोधन नहीं किया और कार्यक्रम के बीच से ही लौट गए।
समारोह में मंच पर केवल गोल्ड मेडल हासिल करने वाले विद्यार्थियों और पीएचडी डिग्री धारकों को उपाधि प्रदान की गई। विश्वविद्यालय की ओर से कुल 1305 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं। इनमें पीजी सत्र 2023-25 के 38 टॉपर भी शामिल रहे, जिन्हें गोल्ड मेडल प्रदान किए गए।
मंच पर डिग्री देने की मांग को लेकर छात्रों का हंगामा
दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों ने सभी विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर डिग्री प्रदान करने की मांग की। इसी मांग को लेकर कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया।
मंच से डिग्री दिए जाने की मांग कर रहे छात्रों के विरोध के कारण समारोह की निर्धारित प्रक्रिया प्रभावित हुई। स्थिति के बीच राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन कार्यक्रम को संबोधित किए बिना ही वहां से चले गए।
समारोह में मंच पर डिग्री वितरण की व्यवस्था गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी डिग्री धारकों के लिए रखी गई थी।
1305 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं उपाधियां
पटना यूनिवर्सिटी के इस दीक्षांत समारोह में कुल 1305 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 155 पीएचडी डिग्री धारक भी शामिल हैं।
इसके अलावा पीजी सत्र 2023-25 के 38 टॉपर विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिया गया। गोल्ड मेडल पाने वालों में 28 छात्राएं और 10 छात्र शामिल हैं।
इस तरह गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में अधिक रही।
राज्यपाल रहे मुख्य अतिथि
समारोह में बिहार के राज्यपाल एवं पटना यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सैय्यद अता हसनैन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने अपने दीक्षांत संबोधन में विद्यार्थियों को संबोधित किया।
हालांकि, छात्रों के हंगामे के बीच राज्यपाल अपना निर्धारित संबोधन नहीं दे सके और कार्यक्रम से लौट गए।
38 टॉपरों को गोल्ड मेडल
पीजी सत्र 2023-25 के कुल 38 टॉपरों को समारोह में गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। इनमें विभिन्न विषयों के विद्यार्थी शामिल रहे।
गोल्ड मेडल पाने वालों में एमए हिंदी से निधि कुमारी, एमए इंग्लिश से प्रिया सिंह, एमए संस्कृत से उपासना आर्या, एमए मैथिली से खुशबू कुमारी और एमए अरबी से हदीका खालिद शामिल हैं।
एमए उर्दू में शीरिन तस्नीम, एमए फिलॉसफी में अमरजीत कुमार, एमए एमजेएमसी में साक्षी, एमए म्यूजिक में कुंदन कुमार और एमए हिस्ट्री में रिया ने गोल्ड मेडल हासिल किया।
एमए पॉलिटिकल साइंस में साहिल आलम, एमए होम साइंस में स्नेहा कुमारी, एमए आईएच एंड आर्क में अभिषेक कुमार और एमए सोशियोलॉजी में आकांक्षा कुमारी को भी गोल्ड मेडल मिला।
एमए इकोनॉमिक्स में ज्ञानेश्वरी कुमारी और अफशां निगार, एमए साइकोलॉजी में सुप्रिया राज, एमए जियोग्राफी में प्रकाश चंद्रा, एमए पीएम एंड आईआर में मिताली राज और एमए रूरल स्टडीज में रागिनी को स्वर्ण पदक दिया गया।
इसके अलावा एमए सोशल वर्क में पलक प्रकाश, एमए वीमेंस स्टडीज में साक्षी, एमएससी फिजिक्स में सुरुचि कुमारी, एमएससी केमिस्ट्री में तृप्ति आनंद, एमएससी जूलॉजी में आरती कुमारी और एमएससी बॉटनी में शाकिब अरशद को गोल्ड मेडल मिला।
एमएससी जियोलॉजी में वंदना कुमारी, एमएससी गणित में निकिता कुमारी, एमएससी स्टैटिस्टिक्स में आसिया आर्या, एमएससी बायोकेमिस्ट्री में प्रिया कुमारी और एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में सृष्टि आर्या ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया।
एमएससी एनवायरनमेंटल साइंस में शशि सुमन, एमसीए में सुरभि कुमारी, एमकॉम में प्रांजल कुमार, एमबीए में साकेत कुमार, एमए इन लाइब्रेरी साइंस में पल्लवी कुमारी, एलएलएम में कुमारी साक्षी और एमएड में विशाल राज को भी गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
पीएचडी धारकों को भी दी गई डिग्री
समारोह में कुल 155 पीएचडी डिग्री धारकों को भी उपाधि प्रदान की गई। इनके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर डिग्री प्रदान की गई।
दीक्षांत समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई पूरी करने के बाद औपचारिक रूप से उपाधि प्रदान करना था। समारोह में विश्वविद्यालय के टॉपर विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में डिग्री वितरण की व्यवस्था बनी विवाद का कारण
इस कार्यक्रम में मुख्य विवाद डिग्री वितरण की प्रक्रिया को लेकर सामने आया। छात्रों की मांग थी कि उन्हें भी मंच पर बुलाकर डिग्री प्रदान की जाए। मंच पर केवल गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी डिग्री धारकों को उपाधि दिए जाने की व्यवस्था से कुछ छात्र नाराज हो गए।
इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने विरोध किया और कार्यक्रम के दौरान हंगामा हुआ। इसके बाद राज्यपाल के संबोधन का कार्यक्रम नहीं हो सका।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय की ओर से समारोह में कुल 1305 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं और 38 टॉपर विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
news desk MPcg