शादी के 3 दिन बाद नवविवाहिता ने उठाया खौफनाक कदम: 100 दिन इलाज के बाद मौत, ग्वालियर में चल रहा था उपचार
मुंह दिखाई की रस्म के दौरान बाथरूम में लगाई थी फांसी; साड़ी से बनाया था फंदा, 6 अगस्त को अस्पताल में तोड़ा दम
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी के महज तीसरे दिन एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। ससुराल पक्ष ने उसे फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही। करीब 100 दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चलने के बाद 6 अगस्त को उसकी मौत हो गई। मामला ग्वालियर के लक्ष्मणगढ़ गांव का है।
मृतका की पहचान भिंड जिले के गोरमी निवासी 22 वर्षीय सपना गुर्जर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मणगढ़ गांव निवासी पान सिंह गुर्जर के बेटे सौरभ गुर्जर की शादी सपना से 25 अप्रैल 2026 को हुई थी। शादी के बाद सपना ससुराल पहुंची थी और वहां शादी से जुड़ी रस्में चल रही थीं।
28 अप्रैल को घर में मुंह दिखाई की रस्म चल रही थी। इसी दौरान सपना बाथरूम जाने की बात कहकर वहां चली गई। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आई तो परिजन उसे देखने के लिए पहुंचे। बाथरूम का दरवाजा खोलने पर सपना फंदे पर लटकी मिली। उसने चढ़ावे में मिली साड़ी का फंदा बनाया था।
ससुराल पक्ष ने उसे फंदे से नीचे उतारा और तुरंत इलाज के लिए बिरला अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के एसएसबी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी उसका इलाज चला। बाद में उसे दोबारा ग्वालियर लाया गया और अलग-अलग अस्पतालों में उपचार जारी रहा।
इलाज के दौरान सपना की हालत लगातार गंभीर बनी रही। 26 जून से उसे ग्वालियर के सिटी लाइफ मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान करीब 100 दिनों तक उसका इलाज चलता रहा। ग्वालियर और दिल्ली के अस्पतालों में उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका।
करीब 100 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 6 अगस्त को इलाज के दौरान सपना की मौत हो गई। शादी के कुछ ही दिनों बाद फांसी लगाने की कोशिश और उसके बाद लंबे समय तक चले इलाज के बाद हुई मौत से परिवार में मातम है।
पुलिस के अनुसार, मामले में घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। नवविवाहिता ने शादी के तीसरे दिन यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन गंभीर हालत के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
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