नीट-यूजी परीक्षा में धांधली का बड़ा पर्दाफाश,गोधरा में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के छात्रों को नकल से कराया पास
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के छात्रों को उत्तर पत्रक खाली छोड़ने का निर्देश दिया गया था ताकि शिक्षक उत्तर भर सकें और यह सब भुगतान के आधार पर किया गया था.
देश में चल रहे नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बीच गुजरात पुलिस ने पंचमहल जिले के गोधरा शहर के जालाराम स्कूल के प्रिंसिपल समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने छात्रों को नीट परीक्षा पास कराने में मदद करने की कोशिश की. राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी.जिसमे बिहार पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस की जांच में पेपर लीक को लेकर कई तथ्य सामने आए. बिहार पुलिस ने कहा कि आरोपियों से पहले ही आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं. जांच से पता चला है कि 5 मई की परीक्षा से पहले लगभग 35 उम्मीदवारों को NEET-UG के प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे.
गोधरा शहर के पुलिस अधीक्षक (SP) हिमांशु सोलंकी ने कहा कि पंचमहल जिला कलेक्टर को इस धोखाधड़ी के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा, "जानकारी मिलने के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुँचे और भट्ट के फोन की जाँच करने पर, उन्होंने 30 छात्रों की सूची पाई. अधिकारियों ने उनकी कार से 7 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं."स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने शिक्षा परामर्श फर्म रॉय ओवरसीज के परशुराम रॉय को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके पास से आठ खाली चेक और 2.30 करोड़ रुपये के चेक का एक और सेट जब्त किया है. एसपी ने कहा कि कई चेक उन अभिभावकों द्वारा हस्ताक्षरित थे जिनके बच्चे जालाराम स्कूल में NEET-UG परीक्षा में शामिल हुए थे.
बता दे इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 14 जून को अहम सुनवाई में नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की अर्जी खारिज करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट 8 जुलाई को सीबीआई जांच की मांगा वाली याचिका पर सुनवाई करेगा. हालांकि कोर्ट ने एक बार फिर दोहराया है कि नीट यूजी की काउंसलिंग निर्धारित समय पर चलेगी, उस पर कोई रोक नहीं लगेगी.
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