चपरासी ने जांची विश्वविद्यालय की परीक्षा कॉपियां, निलंबित करने के साथ- साथ एक्शन
उच्च शिक्षा विभाग ने शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पिपरिया में विश्वविद्यालयीन उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अनियमितताओं के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो प्राध्यापकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
मध्य प्रदेश के पिपरिया में शहीद भगत सिंह शासकीय पीजी महाविद्यालय में यूनिवर्सिटी परीक्षा की कॉपियों की जांच चपरासी से करवाई जा रही थी। इसका वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया है। इसके बाद सरकार ने सख्त तेवर दिखाए हैं। विश्वविद्यालय की कॉपियों की जांच में गड़बड़ी होने पर दो प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच के बाद की गई है।
जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार अतिथि विद्वान, खुशबू पगारे ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देकर मूल्यांकन का कार्य गैरशैक्षणिक कर्मियों से कराना स्वीकार किया है। उन्होंने इस कार्य के लिए बुकलिफ्टर राकेश कुमार मेहर को 7000 रुपये का भुगतान किया, जिसमें से 5000 रुपये प्रयोगशाला के चपरासी पन्नालाल पठारिया को दिए गए, जिसने मूल्यांकन किया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
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