जम्मू-कश्मीर: विधानसभा के बाहर विधायकों में टकराव, हाथापाई; वक्फ कानून को लेकर सदन में जोरदार हंगामा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वक्फ कानून को लेकर तीसरे दिन भी हंगामा जारी, विधायकों के बीच झड़प हुई।एनसी, पीडीपी और कांग्रेस ने वक्फ संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग की, भाजपा पर चर्चा से भागने का आरोप।सदन की कार्यवाही स्थगित, परिसर में प्रदर्शन के दौरान भी विधायक आपस में भिड़े।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार तीसरे दिन वक्फ कानून को लेकर हंगामा जारी रहा। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायकों ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प तक हो गई। यह टकराव न सिर्फ सदन के भीतर बल्कि बाहर परिसर में भी देखने को मिला। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक स्थगित कर दी गई।
आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मेहराज मलिक पर भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने गंभीर आरोप लगाए। रंधावा ने कहा कि मलिक ने हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और कहा कि हिंदू तिलक लगाने का पाप करते हैं। रंधावा ने इसे असहनीय बताते हुए कहा कि वे इसका जवाब जरूर देंगे।
इस बीच, विधानसभा परिसर में भी विधायकों के बीच तनातनी देखी गई। भाजपा विधायक राज्य में बेरोजगारी और दिहाड़ी मजदूरों के मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर बाहर धरने पर बैठे थे। इस दौरान दोनों पक्षों के विधायक आपस में भिड़ गए। नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुद्दों से ध्यान भटकाने और चर्चा से बचने की कोशिश कर रही है।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को निरस्त करने की मांग भी तेज हो गई है। मंगलवार को एनसी, कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायकों ने इस मुद्दे पर हंगामा किया था। पीडीपी ने एक प्रस्ताव पेश कर केंद्र से इस कानून को वापस लेने की मांग की, जिसके बाद सदन आधे घंटे के लिए स्थगित हो गया था।नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने एनसी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके विधायक सिर्फ ड्रामा कर रहे हैं। उन्होंने इसे ट्रेजरी बेंच और चेयर के बीच पहले से तय खेल करार दिया। शर्मा ने कहा कि एनसी कश्मीर के युवाओं की भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रही है, जबकि लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान उनके सांसद नदारद थे। उन्होंने यह भी तंज कसा कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का स्वागत तो अच्छे से किया, जिन्होंने यह विधेयक पेश किया था, लेकिन अब विरोध का दिखावा हो रहा है।
एनसी विधायक मुबारक गुल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल राज्य है और वक्फ कानून पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनता इस कानून के खिलाफ है और भाजपा को सदन में यह साबित करना चाहिए कि यह मुसलमानों के लिए कैसे फायदेमंद है। गुल ने आरोप लगाया कि चर्चा की मांग पर भाजपा विधायक हाथापाई पर उतर आए, जबकि गैर-मुस्लिम सांसदों ने भी इस विधेयक का विरोध किया है।
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