साउथ सुपरस्टार महेश बाबू को ED का समन: रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में 27 अप्रैल को पूछताछ
साउथ सुपरस्टार महेश बाबू को ED ने रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में 27 अप्रैल को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। वे साई सूर्या डेवलपर्स और सुराना ग्रुप के प्रोजेक्ट्स के ब्रांड एंबेसडर थे, जिन पर निवेशकों के साथ ठगी का आरोप है। ED को संदेह है कि अभिनेता को मिले नकद भुगतान का स्रोत धोखाधड़ी से जुड़ा हो सकता है।
हैदराबाद, 22 अप्रैल 2025: तेलुगु सिनेमा के मशहूर अभिनेता महेश बाबू को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े रियल एस्टेट धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समन जारी किया है। अभिनेता को 27 अप्रैल 2025 को हैदराबाद स्थित ED कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला हैदराबाद की दो प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों, साई सूर्या डेवलपर्स और सुराना ग्रुप, से जुड़ा है, जिन पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
ED की जांच तेलंगाना पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें साई सूर्या डेवलपर्स और सुराना ग्रुप पर निवेशकों से धोखाधड़ी और उनकी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। साई सूर्या डेवलपर्स की 'ग्रीन मीडोज' परियोजना विशेष रूप से जांच के केंद्र में है। इस परियोजना में निवेशकों को कथित तौर पर झूठे वादों के साथ आकर्षित किया गया और उनकी राशि का गलत इस्तेमाल किया गया।
महेश बाबू का नाम इस मामले में इसलिए सामने आया है, क्योंकि वे इन दोनों कंपनियों के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के ब्रांड एंबेसडर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अभिनेता को साई सूर्या डेवलपर्स के प्रचार के लिए 5.9 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, जिसमें 3.4 करोड़ रुपये बैंकिंग चैनलों के माध्यम से और 2.5 करोड़ रुपये नकद में दिए गए। ED को संदेह है कि नकद भुगतान का हिस्सा धोखाधड़ी से एकत्रित धन से संबंधित हो सकता है।
ED की कार्रवाई
ED ने हाल ही में हैदराबाद के सिकंदराबाद, जुबली हिल्स और बोवेनपल्ली इलाकों में साई सूर्या डेवलपर्स और सुराना ग्रुप के परिसरों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए और 74.5 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। जांच एजेंसी का मानना है कि इन कंपनियों ने अनधिकृत लेआउट्स के प्लॉट्स को बार-बार बेचकर और फर्जी रजिस्ट्रेशन की गारंटी देकर निवेशकों को ठगा। महेश बाबू की लोकप्रियता का उपयोग इन प्रोजेक्ट्स को विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए किया गया, जिससे अधिक लोग निवेश के लिए प्रेरित हुए।
हालांकि, ED ने स्पष्ट किया है कि महेश बाबू इस मामले में अभी तक आरोपी नहीं हैं। उनकी पूछताछ इसलिए की जा रही है, क्योंकि वे इन प्रोजेक्ट्स के प्रचार से जुड़े थे और नकद भुगतान के स्रोत की जांच आवश्यक है।
महेश बाबू की प्रतिक्रिया
महेश बाबू या उनकी टीम की ओर से इस समन पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अभिनेता के प्रशंसक इस खबर से चिंतित हैं और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। कई प्रशंसकों का मानना है कि महेश बाबू का इस धोखाधड़ी में कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और वे केवल एक ब्रांड एंबेसडर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
व्यस्त हैं फिल्मी प्रोजेक्ट्स में
इस विवाद के बीच, महेश बाबू अपनी आगामी फिल्म 'SSMB29' की शूटिंग में व्यस्त हैं, जिसका निर्देशन मशहूर निर्देशक एसएस राजामौली कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और मलयालम सिनेमा के स्टार पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 2026 में रिलीज होने की उम्मीद है।
ED की जांच अब इस मामले में गहराई तक जा रही है। 27 अप्रैल को महेश बाबू की पेशी के बाद इस मामले में नए खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अभिनेता को इन कंपनियों की कथित धोखाधड़ी की जानकारी थी या वे अनजाने में इस घोटाले का हिस्सा बने। इस बीच, यह मामला साउथ फिल्म इंडस्ट्री और रियल एस्टेट सेक्टर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
news desk MPcg