आम यात्रियों की तरह वंदे भारत में बैठीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, लखनऊ से प्रयागराज तक किया सफर; ट्रेन यात्रा को दे रहीं नया संदेश
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक बार फिर अपनी ट्रेन यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। गुरुवार को राज्यपाल लखनऊ से प्रयागराज जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार हुईं। उन्होंने सड़क मार्ग या विशेष वाहन के बजाय रेल यात्रा को प्राथमिकता दी।
राज्यपाल के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' भी वंदे भारत एक्सप्रेस से प्रयागराज पहुंचे। राज्यपाल की इस यात्रा को सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और आम यात्रियों के साथ जुड़ने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
लखनऊ रेलवे स्टेशन से शुरू हुई यात्रा
गुरुवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंचीं और वहां से वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार हुईं। उनके दौरे को देखते हुए रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से तैयारियां कर रखी थीं।
राज्यपाल की यात्रा के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म में बदलाव किया गया। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन को पहले प्लेटफॉर्म नंबर 7 से रवाना किया जाना था, लेकिन बाद में इसे प्लेटफॉर्म नंबर 1 से रवाना किया गया।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान तैनात रहे। यात्रियों की आवाजाही को सामान्य बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
कानपुर के बाद अब प्रयागराज तक ट्रेन यात्रा
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ट्रेन यात्रा का सिलसिला इससे पहले कानपुर दौरे से शुरू हुआ था।
9 जुलाई को वह लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन से उत्सर्ग एक्सप्रेस में सवार होकर कानपुर गई थीं। इस दौरान उन्होंने सामान्य रेल यात्री की तरह सफर किया था। अगले दिन वह इसी ट्रेन से वापस लखनऊ लौटी थीं।
अब उन्होंने लखनऊ से प्रयागराज तक वंदे भारत एक्सप्रेस का सफर किया है।
राज्यपाल की लगातार ट्रेन यात्राएं इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि आमतौर पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के लिए सड़क मार्ग या विशेष वाहनों का इस्तेमाल ज्यादा होता है।
प्रधानमंत्री के ईंधन बचाओ संदेश से जुड़ा कदम
राज्यपाल की ट्रेन यात्राओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री कई मौकों पर लोगों से निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल की अपील कर चुके हैं। इसी दिशा में राज्यपाल ने भी अपनी यात्राओं में ट्रेन को प्राथमिकता दी है।
राज्यपाल कार्यालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन यात्रा पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के संदेश को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है।
वंदे भारत एक्सप्रेस से प्रयागराज पहुंचीं राज्यपाल
वंदे भारत एक्सप्रेस देश की आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेनों में शामिल है। इसमें यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
लखनऊ से प्रयागराज के बीच चलने वाली वंदे भारत सेवा यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है। कम समय में दूरी तय करने और आधुनिक सुविधाओं के कारण बड़ी संख्या में यात्री इसका उपयोग करते हैं।
राज्यपाल ने भी इसी ट्रेन सेवा के जरिए प्रयागराज की यात्रा की।
शुक्रवार को वंदे भारत से लौटेंगी लखनऊ
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का प्रयागराज दौरा पूरा होने के बाद वह शुक्रवार को वंदे भारत एक्सप्रेस से ही वापस लखनऊ लौटेंगी।
प्रयागराज प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने उनके आगमन और वापसी को लेकर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं तैयार की हैं।
राज्यपाल के दौरे का उद्देश्य
आनंदीबेन पटेल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल होने के साथ-साथ राज्य के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति भी हैं। वह समय-समय पर विभिन्न जिलों में विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होती हैं।
उनके दौरे में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान रहता है।
प्रयागराज दौरे को भी इसी प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रही मजबूत
राज्यपाल की यात्रा को देखते हुए लखनऊ रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रेन तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।
रेलवे सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार निगरानी करती रही।
हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने इस बात का ध्यान रखा कि सामान्य यात्रियों को कम से कम असुविधा हो और ट्रेन संचालन प्रभावित न हो।
वीआईपी कल्चर से अलग संदेश देने की कोशिश
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ट्रेन यात्राएं राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन रही हैं।
जहां एक ओर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता होती है, वहीं दूसरी ओर ट्रेन से यात्रा करके राज्यपाल आम लोगों के बीच एक अलग संदेश देने का प्रयास कर रही हैं।
रेल यात्रा के दौरान आम यात्रियों को भी यह अनुभव मिलता है कि उच्च पदों पर बैठे लोग भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकते हैं।
पहले भी कई नेता कर चुके हैं ट्रेन यात्रा
देश में कई बड़े नेता समय-समय पर ट्रेन से यात्रा कर जनता के बीच संदेश देने की कोशिश करते रहे हैं।
रेल यात्रा को आम लोगों से जुड़ने का एक माध्यम माना जाता है। खासतौर पर वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के जरिए देश में रेलवे के बदलते स्वरूप को भी दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।
आगे भी जारी रह सकता है ट्रेन यात्रा का सिलसिला
राज्यपाल की हालिया यात्राओं को देखते हुए संभावना है कि भविष्य में भी वह प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के दौरे के लिए ट्रेन को प्राथमिकता दे सकती हैं।
उनकी यात्रा ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और आम जनता से जुड़ाव जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।
news desk MPcg