विश्व सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय कार्यक्रम में लिया हिस्सा, खंडवा में प्रदर्शनी का किया अवलोकन
विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भाग लिया। यह राज्य स्तरीय आयोजन खंडवा में हुआ, जहां राष्ट्रपति ने मंच पर पहुंचने से पहले विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बीमारी से जुड़ी जागरूकता, रोकथाम एवं उपचार से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
प्रदर्शनी का अवलोकन कर दिए जागरूकता के संदेश
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिकल सेल एनीमिया पर आधारित प्रदर्शनी का विस्तार से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें बीमारी के प्रभाव, इसके रोकथाम के उपायों और सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
यह प्रदर्शनी विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई थी, ताकि समय रहते जांच और उपचार को बढ़ावा दिया जा सके।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह करीब 10:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मंच पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, इंदर सिंह परमार, स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति का संबोधन और संदेश
अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य मिशन बताया। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के प्रति जागरूकता, समय पर जांच और सही उपचार से प्रभावित लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज, सरकार और स्वास्थ्य तंत्र मिलकर ही इस बीमारी के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
सरकार के प्रयासों पर रहा फोकस
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत किए जा रहे प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया। इसमें विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे जांच अभियान, उपचार सुविधाओं के विस्तार और जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी शामिल रही।
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