चित्रकूट के सरकारी स्कूल में घुसा संदिग्ध पागल कुत्ता, दो मासूमों पर हमला; बच्चों ने क्लास का दरवाजा बंद कर बचाई जान
लंच ब्रेक के दौरान प्राथमिक विद्यालय में मची अफरा-तफरी, 8 वर्षीय छात्र और 4 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल; ग्रामीण बोले- कई दिनों से गांव में आतंक मचा रहा है कुत्ता
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के बरगढ़ क्षेत्र स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक संदिग्ध पागल कुत्ता अचानक स्कूल परिसर में घुस आया और बच्चों पर हमला कर दिया। लंच ब्रेक के दौरान हुए इस हमले में कक्षा दो के एक छात्र और आंगनबाड़ी की एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों के चेहरे और कान पर गहरे घाव आए हैं। प्राथमिक उपचार और एंटी-रेबीज इंजेक्शन देने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
घटना के बाद पूरे विद्यालय में दहशत का माहौल बन गया। कई बच्चे डर के मारे रोने लगे, जबकि अन्य छात्रों ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए कक्षा का दरवाजा अंदर से बंद कर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कुत्ता कई दिनों से गांव में लोगों और मवेशियों पर हमला कर रहा था, लेकिन शिकायतों के बावजूद उसे पकड़ने या हटाने की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
लंच ब्रेक के दौरान हुआ हमला, मच गई भगदड़
यह घटना बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। बरगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बोझ फार्म और उसी परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे मध्याह्न भोजन कर रहे थे। कुछ बच्चे बरामदे में बैठकर खाना खा रहे थे, जबकि कुछ हाथ धोने और पानी पीने गए थे।
इसी दौरान स्कूल के बाईं ओर स्थित एक भवन से एक भूरे रंग का कुत्ता अचानक छलांग लगाकर परिसर में घुस आया। कुत्ते ने आते ही बच्चों पर हमला करना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से स्कूल परिसर में भगदड़ मच गई और बच्चे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
दो मासूम बने शिकार
हमले में कक्षा दो के 8 वर्षीय छात्र श्याम द्विवेदी और आंगनबाड़ी में पढ़ने वाली 4 वर्षीय जानवी कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ते ने जानवी के कान को बुरी तरह काट लिया, जबकि श्याम के गाल का हिस्सा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। दोनों बच्चों के चेहरे पर गहरे घाव होने से काफी रक्तस्राव हुआ, जिससे स्कूल में मौजूद शिक्षक और बच्चे घबरा गए।
बच्चों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
कुत्ते के हमले के दौरान कई बच्चे जान बचाकर कक्षा के अंदर भाग गए। उन्होंने तुरंत दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और खिड़कियों से बाहर का दृश्य देखते रहे। यदि बच्चों ने समय रहते ऐसा नहीं किया होता तो घायल होने वालों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।
विद्यालय में मौजूद शिक्षकों ने डंडों की मदद से कुत्ते को भगाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद कुत्ता स्कूल परिसर से भाग निकला।
23 बच्चे ही पहुंचे थे स्कूल
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 65 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन घटना वाले दिन केवल 23 बच्चे उपस्थित थे।
दिलचस्प बात यह भी है कि घटना से कुछ समय पहले ही खंड शिक्षा अधिकारी के.डी. पांडेय विद्यालय का निरीक्षण कर चुके थे। निरीक्षण के बाद विद्यालय की सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, तभी लंच ब्रेक के दौरान यह घटना हो गई।
स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रधानाध्यापक विपिन बिहारी पांडेय ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी ऊंची है और मुख्य गेट भी बंद था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुत्ता स्कूल से सटे एक भवन की ओर से छलांग लगाकर अंदर आया और बाद में रसोईघर (किचन) की तरफ से फिर बाहर निकल गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और आसपास के खुले क्षेत्रों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
सीएचसी में प्राथमिक उपचार, फिर जिला अस्पताल रेफर
हमले के तुरंत बाद शिक्षक चंदन सिंह और अर्चना सिंह घायल बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मऊ लेकर पहुंचे।
अस्पताल प्रभारी डॉ. मोहम्मद हारुन ने बताया कि दोनों बच्चों को तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया गया। हालांकि घाव गहरे होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
ग्रामीणों का आरोप- कई दिनों से आतंक मचा रहा था कुत्ता
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। गांव के निवासी भास्कर और मोहन लाल सहित कई लोगों का कहना है कि यही कुत्ता पिछले कई दिनों से गांव में लोगों, बच्चों और मवेशियों पर हमला कर रहा था।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से कुत्ते को पकड़वाने या हटाने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो स्कूल में यह घटना टाली जा सकती थी।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को संदिग्ध रेबीज संक्रमित कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। गंभीर घाव होने पर इम्यूनोग्लोब्युलिन सहित अन्य आवश्यक उपचार भी समय पर कराना जरूरी होता है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में घूम रहे आक्रामक और संदिग्ध पागल कुत्ते को तत्काल पकड़कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्कूलों के आसपास आवारा पशुओं और कुत्तों की रोकथाम के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल स्थिति
दोनों घायल बच्चों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों में घटना के बाद भय का माहौल है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जानकारी संबंधित विभागों को दे दी गई है और स्थानीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
news desk MPcg