आगर-मालवा जिले में 31.25 किलो एमडी जब्त, आमला में नशे की फैक्ट्री ने खोले बड़े राज मास्टरमाइंड अब भी फरार I

आगर-मालवा के आमला क्षेत्र में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा किया। कार्रवाई में 31.25 किलो एमडी ड्रग्स, 600 किलो केमिकल और लैब उपकरण जब्त किए गए। तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। असली मास्टरमाइंड और नेटवर्क के तार इंदौर से जुड़े होने की जांच जारी है।

1 / 1

1.

आगर-मालवा में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, असली मास्टरमाइंड अब भी रहस्य

आगर-मालवा जिले के आमला क्षेत्र में पकड़ी गई अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की बड़ी कार्रवाई को 36 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इस नशे के कारोबार के असली ‘खिलाड़ी’ तक जांच एजेंसियां नहीं पहुंच सकी हैं। छापेमारी में 31.25 किलो एमडी ड्रग्स, करीब 600 किलो केमिकल और पूरी लैब तो हाथ लगी, लेकिन जमीन के असली मालिक और फैक्ट्री संचालक को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

एनसीबी उज्जैन के अधीक्षक मुकेश खत्री ने बताया कि फार्म हाउस के मैनेजर सिद्धनाथ धारासिंह, धारा सिंह और प्रहलाद सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कुछ अहम सुराग मिले हैं, हालांकि जांच के चलते उनका खुलासा नहीं किया गया। दस्तावेजों में जमीन स्थानीय लोगों के नाम पर दर्ज है, लेकिन इस नेटवर्क के तार इंदौर से जुड़े होने की बात सामने आ रही है।

झालावाड़-कोटा रोड से अंदर जंगल में स्थित ‘तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी’ के नाम से संचालित इस परिसर में गुप्त रूप से ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी। एनसीबी को यहां से अंतरराज्यीय तस्करों को बड़ी खेप सप्लाई की सूचना मिली थी, जिसके बाद उज्जैन, जावरा और नीमच की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।

इस बड़ी बरामदगी के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में इतनी बड़ी नशे की फैक्ट्री चलती रही और पुलिस को भनक तक नहीं लगी—यह अब जांच का बड़ा विषय बन गया है।