असम के डिब्रूगढ़ में प्रधानमंत्री Narendra Modi का दौरा रणनीतिक दृष्टि से ऐतिहासिक साबित हुआ। वे देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से उतरे। यह सुविधा डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर विकसित की गई है और पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली व्यवस्था है। युद्ध या आपदा की स्थिति में यह स्ट्रिप लड़ाकू और परिवहन विमानों के लिए वैकल्पिक रनवे का काम करेगी, जिससे वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता और मजबूती बढ़ेगी।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने ₹3,030 करोड़ की लागत वाले कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह पूर्वोत्तर का पहला एक्स्ट्राडोज्ड 6-लेन पुल है, जिससे गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच की दूरी अब महज 7 मिनट में तय होगी। पुल में भूकंपरोधी तकनीक और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है।
प्रधानमंत्री ने आईआईएम गुवाहाटी और कामरूप जिले में 8.5 मेगावाट क्षमता वाले राष्ट्रीय डेटा केंद्र का भी शुभारंभ किया। इससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा और डिजिटल सेवाओं को नई गति मिलेगी। इसके अलावा 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।
डिब्रूगढ़ ELF और अन्य रणनीतिक परियोजनाएं पूर्वोत्तर की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और विकास को नई मजबूती देंगी