उज्जैन जमीन खरीदी मामले पर MP विधानसभा में जमकर हंगामा: CM, शिवराज और कृषि मंत्री के मुखौटे पहनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक; किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

उज्जैन जमीन खरीदी मामले पर MP विधानसभा में जमकर हंगामा: CM, शिवराज और कृषि मंत्री के मुखौटे पहनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक; किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और सत्ता पक्ष के जवाबों के बीच हंगामेदार रहा। उज्जैन जमीन खरीदी मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र से जुड़ी जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। वहीं बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि कांग्रेस सदन की कार्यवाही को बाधित कर रही है।

उज्जैन जमीन मामले पर सदन में आमने-सामने सरकार और विपक्ष

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उज्जैन जमीन खरीदी मामले को उठाया। उन्होंने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने की मांग की।

उमंग सिंघार ने कहा कि मामला केवल जमीन खरीदी का नहीं है, बल्कि सिंहस्थ क्षेत्र और उससे जुड़े हितों का है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री परिवार से जुड़े लोगों द्वारा जमीन खरीदी के मामले में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने मांग की कि सरकार इस मामले पर सदन में जवाब दे और विस्तृत चर्चा कराई जाए।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा नहीं कराई जा सकती। उन्होंने कहा कि अगर चर्चा करनी है तो इसे विधानसभा के नियम 139 के तहत कराया जा सकता है।

इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी के पास पहुंच गए और गर्भगृह के नजदीक प्रदर्शन करने लगे।

लगातार हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही करीब आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

गांधी प्रतिमा के सामने कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर पहुंचे।

कांग्रेस नेताओं ने गांधी प्रतिमा के सामने खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान कई समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिल पा रहा है और सरकार केवल कागजी दावों तक सीमित है।

उन्होंने कहा, "किसान को खाद चाहिए, टोकन नहीं। किसान को उसकी फसल का सही मूल्य चाहिए। सरकार को किसानों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।"

शिवराज और मोहन यादव के मुखौटे पहनकर पहुंचे विधायक

कांग्रेस विधायक सुनील उईके शिवराज सिंह चौहान का मुखौटा पहनकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री खुद को किसान पुत्र कहते हैं, इसलिए उन्हें प्रदेश के किसानों की परेशानियों को समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार को किसानों से किए गए वादों की याद दिलाना है।

वहीं पोहरी विधायक कैलाश कुशवाहा ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का मुखौटा पहनकर कहा कि किसानों को समय पर खाद, बीज और फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए।

महिदपुर विधायक दिनेश जैन ने मुख्यमंत्री का मुखौटा पहनकर सरकार पर बेरोजगारी, शिक्षा और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा।

बीजेपी ने कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया राजनीति

सत्ता पक्ष ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक स्टंट बताया। बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि कांग्रेस केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस तरह के प्रदर्शन कर रही है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।

वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन सरकार ने स्थिति को संभाल लिया है।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह केवल मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर भी हुआ विवाद

विधानसभा सत्र की शुरुआत दिवंगत नेताओं और प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। सदन में पूर्व विधायक अश्विन जोशी, पहाड़ सिंह कन्नौज, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी, मशहूर शायर बशीर बद्र और पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी गई।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बरगी क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और नीट परीक्षा से जुड़ी परेशानियों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों का नाम श्रद्धांजलि सूची में शामिल नहीं किए जाने पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों को भी सदन में श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए थी।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा सचिवालय की प्रक्रिया के अनुसार नाम शामिल किए जाते हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अगर समय रहते जानकारी दी जाती तो ऐसे मामलों को सूची में शामिल किया जा सकता था।

OBC आरक्षण को लेकर भोपाल में प्रदर्शन

वहीं दूसरी ओर ओबीसी महासभा ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और 13 प्रतिशत पदों को होल्ड से मुक्त करने की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन किया।

संगठन के कार्यकर्ताओं ने रंगमहल चौराहे पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विधानसभा घेराव की चेतावनी दी।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब भर्ती परीक्षाएं 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर आयोजित की जाती हैं, तो नियुक्तियों में केवल 14 प्रतिशत आरक्षण क्यों लागू किया जा रहा है।

अन्य मुद्दों पर भी विधानसभा में चर्चा

मानसून सत्र के पहले दिन कई अन्य मुद्दे भी उठाए गए। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील UCC के विरोध में तख्ती लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल सिद्धांतों से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

वहीं जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय कैलारस शक्कर कारखाना दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

इसके अलावा खेल विभाग, डीजे-साउंड सिस्टम पर कार्रवाई, केन-बेतवा लिंक परियोजना और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में चर्चा हुई।

पहले दिन ही गरमाया राजनीतिक माहौल

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन पूरी तरह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के नाम रहा। उज्जैन जमीन खरीदी मामला, किसानों की समस्याएं और आरक्षण जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की।

वहीं सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी मुद्दों पर नियमों के अनुसार चर्चा कराई जाएगी। आने वाले दिनों में भी विधानसभा में इन मुद्दों पर हंगामा जारी रहने की संभावना है।