CJP संसद मार्च में हंगामा: भास्कर रिपोर्टर उदय भटनागर पर लाठी लगी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; आंसू गैस के बाद कई घायल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच टकराव हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
प्रदर्शन को कवर कर रहे दैनिक भास्कर के रिपोर्टर उदय भटनागर भी पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, लाठी लगने से उनके हाथ में चोट आई और सूजन हो गई। रिपोर्टर मौके पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहे थे।
संसद की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस ने रोका
CJP की ओर से सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया गया था। पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पहुंचे थे।
प्रदर्शनकारी सुबह से ही नारेबाजी करते हुए संसद की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले से ही कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी। जब भीड़ बैरिकेड पार करने की कोशिश करने लगी तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए बल प्रयोग किया।
लाठीचार्ज और आंसू गैस से मची अफरा-तफरी
पुलिस कार्रवाई के दौरान प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
आंसू गैस के धुएं के कारण कई प्रदर्शनकारियों को परेशानी हुई। वहीं, लाठीचार्ज में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बसों में बैठाया।
मौके पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारे लगाते नजर आए। एक युवक लाठीचार्ज के बाद चिल्लाता हुआ दिखाई दिया, "और मारो।"
सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
संसद भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।
संसद परिसर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बनाया गया। संवेदनशील इलाकों में जवानों को तैनात किया गया और आने-जाने वाले लोगों की जांच की गई।
प्रदर्शनकारियों के संसद के करीब पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। संसद परिसर के बाहर सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मोर्चा संभाला।
रात से ही जुटने लगे थे प्रदर्शनकारी
CJP के संसद मार्च को लेकर प्रदर्शनकारी रविवार रात से ही जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे। कई लोगों ने रात फुटपाथ पर गुजारी।
रविवार देर रात तक जंतर-मंतर पर समर्थकों की संख्या बढ़ती गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने वाले लोगों की जांच भी की गई। RAF और दिल्ली पुलिस के जवान लगातार निगरानी कर रहे थे।
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारियों ने सुबह जंतर-मंतर के बाहर लगाए गए बैरिकेड हटाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।
पुलिस ने कई बार प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और तय स्थान पर रहने की अपील की। हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
मेट्रो स्टेशनों पर भी असर
संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर सुरक्षा कारणों से पाबंदियां लगाई गईं। राजीव चौक, मंडी हाउस और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी देखी गई।
कुछ प्रदर्शनकारी मेट्रो स्टेशन के अंदर भी पहुंच गए और नारेबाजी की। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
CJP की मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन
CJP पिछले कई दिनों से पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। संगठन की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है। वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके समर्थक सरकार से बातचीत की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को पहले ही बताया गया था कि संसद क्षेत्र की ओर मार्च की अनुमति नहीं है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।
फिलहाल नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे घटनाक्रम की निगरानी की जा रही है। पुलिस हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
news desk MPcg