उत्तर प्रदेश में बड़ी कार्रवाई गंगा एक्सप्रेस-वे पर 629 किलो प्रतिबंधित केमिकल बरामद, तस्करी नेटवर्क का खुलासा

उत्तर प्रदेश में बड़ी कार्रवाई गंगा एक्सप्रेस-वे पर 629 किलो प्रतिबंधित केमिकल बरामद, तस्करी नेटवर्क का खुलासा

संभल। उत्तर प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गंगा एक्सप्रेस-वे के रास्ते एक एसी कंटेनर में एसेटिक एनहाइड्राइड (Acetic Anhydride) नामक प्रतिबंधित रसायन की तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में यह केमिकल बरामद किया है।

जानकारी के अनुसार, संभल पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 629 किलोग्राम लिक्विड जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.57 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

नशे के निर्माण में होता है इस्तेमाल

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह रसायन हेरोइन और स्मैक जैसे उच्च गुणवत्ता वाले मादक पदार्थों के निर्माण में प्रीकर्सर (कच्चे माल) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस कारण इसे अत्यंत संवेदनशील और नियंत्रित केमिकल की श्रेणी में रखा गया है।

गंगा एक्सप्रेस-वे से तस्करी का शक

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्कर इस खेप को गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। कंटेनर को एसी यूनिट के जरिए सामान्य सामान की तरह छिपाकर ले जाया जा रहा था ताकि जांच से बचा जा सके।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

संभल पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए पूरे कंटेनर को जब्त कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, जिसकी जांच की जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह केमिकल कहां से लाया गया था और इसे किस नेटवर्क को सप्लाई किया जाना था।

जांच एजेंसियां अलर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है। शुरुआती जांच में इसे एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है, जो बड़ी मात्रा में नशे के उत्पादन से जुड़ा हो सकता है।