दतिया उपचुनाव से पहले सियासी घमासान तेज, BJP ने जीतू पटवारी के कथित बयानों को लेकर चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग
मध्यप्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के कथित बयानों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर दो अलग-अलग शिकायतें सौंपते हुए पटवारी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के तहत कार्रवाई की मांग की।
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चुनावी सभाओं के दौरान ऐसे बयान दिए हैं, जो कथित तौर पर चुनावी वातावरण को प्रभावित कर सकते हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से इन बयानों की जांच कराने और दोष पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर अभी कांग्रेस या जीतू पटवारी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से भी शिकायत पर किसी निर्णय की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
BJP प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपी शिकायत
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा दिए गए कथित बयान चुनावी आचार संहिता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं।
भाजपा ने शिकायत में आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बिना प्रमाण के आरोप लगाकर मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों और नेताओं को संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया बनी रहे।
BJP का आरोप- संभावित हार से बौखलाई कांग्रेस
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी संभावित हार को देखते हुए आक्रामक बयानबाजी कर रही है। पार्टी का कहना है कि चुनाव जनता के मुद्दों, विकास कार्यों और नीतियों के आधार पर लड़ा जाना चाहिए, न कि आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम फैलाने वाली राजनीति के माध्यम से।
भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार के तथ्यहीन आरोप या भड़काऊ बयान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
पुलिस प्रशासन को लेकर दिए गए बयान पर BJP ने जताई आपत्ति
भाजपा ने अपनी शिकायत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के एक कथित बयान का भी उल्लेख किया है, जिसमें पुलिस प्रशासन को लेकर टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
भाजपा का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी निष्पक्ष तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कथित धमकी या दबाव बनाने वाले बयान अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित कर सकते हैं।
पार्टी ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि संबंधित भाषणों के वीडियो रिकॉर्ड की जांच कराई जाए और यदि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
चुनावी माहौल खराब करने का लगाया आरोप
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान दतिया विधानसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि चुनाव क्षेत्र में निष्पक्ष वातावरण बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग द्वारा तय नियमों और आचार संहिता का पालन करना चाहिए। किसी भी नेता द्वारा दिए गए बयान यदि मतदाताओं को प्रभावित करने या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले पाए जाते हैं तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
BJP ने वीडियो साक्ष्यों की जांच की मांग की
भाजपा ने निर्वाचन आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में कथित भाषणों के वीडियो उपलब्ध कराने और उनकी जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि क्या चुनाव नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
भाजपा ने मांग की है कि जांच प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए ताकि चुनावी प्रक्रिया पर किसी प्रकार का विवाद न रहे।
दतिया उपचुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सक्रिय नजर आ रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के नेता लगातार एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।
भाजपा जहां सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा रही है।
इसी राजनीतिक माहौल के बीच नेताओं के बयानों को लेकर विवाद भी सामने आ रहे हैं। चुनाव आयोग की भूमिका ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि आयोग का उद्देश्य सभी दलों को समान अवसर देते हुए निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना होता है।
कांग्रेस के जवाब का इंतजार
भाजपा की शिकायत के बाद अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी या पार्टी संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों पर अभी कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
वहीं, निर्वाचन आयोग शिकायतों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकता है।
दतिया उपचुनाव में आने वाले दिनों में चुनावी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। ऐसे में राजनीतिक दलों के बयानों, चुनाव आयोग की कार्रवाई और क्षेत्र की चुनावी गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।
news desk MPcg