दतिया उपचुनाव का आखिरी दांव: कांग्रेस की जनआशीर्वाद रैली आज, घनश्याम सिंह के समर्थन में दिखाएगी ताकत; BJP और ASP के बाद कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार का अंतिम दिन राजनीतिक सरगर्मियों से भरा रहने वाला है। मतदान से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल मतदाताओं तक अपनी आखिरी अपील पहुंचाने और चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस मंगलवार को अपने प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में जनआशीर्वाद रैली और विशाल आमसभा आयोजित करने जा रही है।
कांग्रेस इस रैली को चुनाव प्रचार के अंतिम चरण का बड़ा शक्ति प्रदर्शन बता रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग शामिल होंगे। वहीं, राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस की ओर से मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ और संगठनात्मक ताकत दिखाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।
गहोई वाटिका से निकलेगी कांग्रेस की जनआशीर्वाद रैली
कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार जनआशीर्वाद रैली मंगलवार दोपहर 1 बजे गहोई वाटिका, सीता सागर क्षेत्र, श्री पीतांबरा पीठ के पास से शुरू होगी।
रैली दतिया शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। निर्धारित मार्ग के अनुसार रैली सीता सागर, श्री पीतांबरा पीठ, तिगलिया और टाउन हॉल होते हुए किला चौक पहुंचेगी। यहां विशाल आमसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां कांग्रेस नेता और पदाधिकारी जनता को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस जिला संगठन ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में रैली में पहुंचने की अपील की है। पार्टी का उद्देश्य अंतिम दिन अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाना और चुनावी माहौल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना है।
प्रचार अभियान के आखिरी दिन कांग्रेस की बड़ी रणनीति
चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले कांग्रेस ने इस रैली के जरिए अपनी पूरी ताकत दिखाने की तैयारी की है। पार्टी का मानना है कि अंतिम समय में होने वाले बड़े जनसंपर्क कार्यक्रम मतदाताओं पर प्रभाव डाल सकते हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में आयोजित यह कार्यक्रम पार्टी के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनावी मैदान में उम्मीदवारों के लिए अंतिम दिनों का प्रचार काफी अहम होता है, क्योंकि इसी दौरान राजनीतिक दल अपने समर्थकों को सक्रिय करते हैं और मतदाताओं से अंतिम अपील करते हैं।
कांग्रेस नेताओं का फोकस स्थानीय मुद्दों, क्षेत्र के विकास, जनता की समस्याओं और भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने जैसे मुद्दों पर रहने की संभावना है।
BJP और आजाद समाज पार्टी पहले कर चुके हैं शक्ति प्रदर्शन
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की रैली से पहले भाजपा और आजाद समाज पार्टी भी अपनी चुनावी ताकत दिखा चुकी हैं।
सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में दतिया में रोड शो किया था। भाजपा ने इस कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने और मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया।
वहीं, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद भी अपने प्रत्याशी के समर्थन में दतिया पहुंच चुके हैं। उन्होंने रैली के जरिए अपने समर्थकों को लामबंद करने की कोशिश की।
इस तरह दतिया उपचुनाव में तीनों प्रमुख राजनीतिक ताकतें अंतिम दौर में बड़े कार्यक्रमों के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है। तीनों दल अपने-अपने समीकरणों के आधार पर मतदाताओं को साधने में जुटे हुए हैं।
भाजपा अपने संगठन नेटवर्क, सरकार की योजनाओं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लोकप्रियता के सहारे चुनाव मैदान में है। पार्टी का प्रयास है कि सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाए।
वहीं कांग्रेस स्थानीय मुद्दों, जनता की समस्याओं और क्षेत्रीय विकास से जुड़े सवालों को चुनावी मुद्दा बना रही है। कांग्रेस का दावा है कि जनता बदलाव के पक्ष में मतदान करेगी।
दूसरी ओर आजाद समाज पार्टी सामाजिक समीकरणों और अपने संगठन के आधार पर चुनाव में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रही है।
कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन होने वाले बड़े कार्यक्रमों का एक उद्देश्य कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना भी होता है। राजनीतिक दलों के लिए सिर्फ जनसभा ही नहीं बल्कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना भी महत्वपूर्ण होता है।
कांग्रेस की जनआशीर्वाद रैली के जरिए पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और मतदान तक सक्रिय रहने का संदेश देने की कोशिश करेगी।
सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट
बड़े राजनीतिक कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई हैं। शहर में रैली के मार्ग और आमसभा स्थल पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
प्रशासन का प्रयास रहेगा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब मतदाताओं के फैसले का इंतजार
प्रचार अभियान खत्म होने के बाद अब उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की नजर मतदान पर होगी। अंतिम दिन होने वाले शक्ति प्रदर्शन का मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है, यह चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।
दतिया उपचुनाव को मध्यप्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है, जबकि आजाद समाज पार्टी भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश में है।
अब अंतिम फैसला दतिया की जनता के हाथ में होगा, जो मतदान के जरिए क्षेत्र की राजनीतिक दिशा तय करेगी।
news desk MPcg