मूंग खरीदी पर सियासत तेज: कमलनाथ ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, बोले- किसानों से तत्काल तेज की जाए खरीद

मूंग खरीदी पर सियासत तेज: कमलनाथ ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, बोले- किसानों से तत्काल तेज की जाए खरीद

मध्य प्रदेश में तय लक्ष्य के मुकाबले धीमी मूंग खरीदी पर उठाए सवाल, किसानों को उचित मूल्य दिलाने की मांग

 मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश में मूंग खरीदी की रफ्तार बढ़ाने और किसानों से बड़े स्तर पर तत्काल खरीद शुरू करने की मांग की है।

कमलनाथ ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से तय किए गए मूंग खरीदी लक्ष्य के बावजूद राज्य में खरीद प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है, जिसके कारण किसान परेशान हैं और उन्हें अपनी उपज कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

मध्य प्रदेश देश का सबसे बड़ा मूंग उत्पादक राज्य: कमलनाथ

कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश देश में मूंग उत्पादन के मामले में अग्रणी राज्य है। यहां बड़ी संख्या में किसान मूंग की खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकारी खरीदी व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालन होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश से 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई तक इस लक्ष्य की केवल करीब 2 प्रतिशत मूंग ही खरीदी जा सकी है।

धीमी खरीदी से किसानों की बढ़ी परेशानी

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खरीदी में देरी का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और प्रक्रिया धीमी होने के कारण किसान अपनी उपज को बाजार में कम दाम पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।

कमलनाथ ने कहा कि किसानों ने मेहनत और लागत लगाकर मूंग का उत्पादन किया है, लेकिन अगर समय पर सरकारी खरीदी नहीं होती है तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

केंद्र के 87% कोटे का हवाला देकर सरकार पर निशाना

कमलनाथ ने अपने पत्र में कहा कि देश में होने वाली कुल मूंग खरीदी का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश के लिए तय किया गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश को इतना बड़ा खरीदी कोटा मिला है, तो राज्य सरकार को खरीदी अभियान को तेज गति से चलाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित में सरकार को तुरंत अधिकारियों को निर्देश देकर खरीदी व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।

मुख्यमंत्री से अधिकारियों को निर्देश देने की अपील

कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल निर्देश दें ताकि:

मूंग खरीदी की गति बढ़ाई जा सके।
सभी पात्र किसानों से उनकी उपज खरीदी जाए।
खरीदी केंद्रों पर किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।

उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए।

MSP पर खरीदी किसानों के लिए अहम मुद्दा

मूंग खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सरकारी खरीदी का उद्देश्य किसानों को बाजार में कीमतों में गिरावट से बचाना और उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करना होता है।

अगर खरीदी प्रक्रिया धीमी रहती है तो किसानों को निजी व्यापारियों पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां कई बार उन्हें MSP से कम कीमत मिलने की शिकायत रहती है।

कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल

कमलनाथ के इस पत्र के जरिए कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को घोषणाओं के बजाय जमीन पर खरीदी व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।

वहीं, इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से खरीदी की मौजूदा स्थिति, केंद्रों की संख्या और किसानों से हुई खरीद के आंकड़े जारी किए जाने का इंतजार है।

मूंग खरीदी बना राजनीतिक मुद्दा

मध्य प्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहे हैं। गेहूं, धान और दलहन फसलों की खरीदी के बाद अब मूंग खरीदी को लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है।

आने वाले दिनों में यदि खरीदी की रफ्तार नहीं बढ़ती है, तो यह मुद्दा विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर और जोर पकड़ सकता है। फिलहाल किसानों की नजर सरकार के अगले कदम पर है कि मूंग खरीदी अभियान को लेकर क्या नई व्यवस्था लागू की जाती है।